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दरअसल, 8 अप्रैल को नोएडा स्थित सेन्ट्रल रिजर्व पुलिस फ़ोर्स के ग्रुप सेंटर में सीआरपीएफ वाइव्ज वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा संचालित परिवार कल्याण केंद्र पर अनाधिकृत तौर से ट्रैक सूट की बिक्री हो रही थी। बल के असिस्टेंट कमांडेंट ने सीडब्ल्यूए अध्यक्ष और डीआईजी ग्रुप सेंटर को अपनी लिखित शिकायत थी कि जवानों को सप्लाई होने वाले ट्रैक सूट को ज्यादा दामों पर बेचा जा रहा है।
ट्रैक सूट पर एक प्रतिष्ठित ब्रांड का नाम लिखा है। शिकायत करने वाले अधिकारी ने दावा किया कि यह ट्रैक सूट नकली है। इस मामले की विस्तृत जांच की जाए। सूत्रों ने बताया कि जब मामले की जांच की गई तो फोर्स के असिस्टेंट कमांडेंट द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए। मामले को लेकर अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद घपले में शामिल लोगों पर तत्काल कार्रवाही की मांग होने लगी।
§देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल सेन्ट्रल रिजर्व पुलिस फ़ोर्स में जवानों को नकली ट्रैक सूट बढ़े हुए दामों में बेचा जा रहा था। इसमें फोर्स के सीनियर अधिकारियों को जैसे ही ये बात पता चली तो उन्होंने सख्त एक्शन लेते हुए 6 से अधिक अफसरों व कर्मचारियों को तत्काल सस्पेंड कर दिया। इस पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।

