֍:मनरेगा मजदूरों को बढ़ाई मजदूरी §ֆ:मनरेगा मजदूरी में हुई बढ़ोतरी चालू वित्त वर्ष में किए गए इजाफे के समान ही है. नोटिफिकेशन के मुताबिक, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 2023-24 की तुलना में 2024-25 के लिए मजदूरी दर में सबसे कम 3 फीसदी का इजाफा हुआ है. वहीं, गोवा में सबसे ज्यादा मजदूरी बढ़ाई गई है. यहां मनरेगा की मजदूरी दरों में 10.6 फीसदी तक का इजाफा हुआ है. सरकार की तरफ से दरों में ऐसे समय में बढ़ोतरी की गई है, जब पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से फंड रोकने पर विवाद चल रहा था.
§֍:MGNREGA नोटिफिकेशन के लिए मांगी गई चुनाव आयोग से इजाजत§ֆ:
§ֆ:बिजनेस स्टैंडर्ड ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मजदूरों दरों को नोटिफाई करने से पहले चुनाव आयोग से इसकी इजाजत मांगी थी. इसकी वजह ये है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इस वक्त पूरे देश में आदर्श आचार संहिता लागू है. एक बार जब आयोग से हरी झंडी मिल गई तो मंत्रालय ने तुरंत बढ़ी हुई मजदूरी का नोटिफिकेशन जारी कर दिया. बता दें कि मजदूरी दरों में बदलाव किया जाना एक नियमित प्रक्रिया रहा है.
§֍:क्या है मनरेगा योजना ? §ֆ:ग्रामीण विकास मंत्रालय के जरिए मनरेगा कार्यक्रम की शुरुआत 2005 में की गई. इसकी गिनती दुनिया के सबसे बड़े रोजगार गारंटी योजनाओं में से एक के तौर पर होती है. इस योजना के तहत सरकार ने एक न्यूनतम वेतन तय किया हुआ है, जिस पर ग्रामीण इलाकों के लोगों को काम पर रखा जाता है. मनरेगा के तहत करवाए जाने वाले काम अकुशल होते हैं, जिसमें गड्ढे खोदने से लेकर नाली बनाने जैसे काम शामिल हैं. योजना के तहत एक साल में 100 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलती है.
§चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत काम करने वाले मजदूरों को बड़ा तोहफा दिया है. दरअसल, सरकार ने मनरेगा मजदूरी दर में 3 से 10 फीसदी तक का इजाफा कर दिया है. इस संबंध में गुरुवार (28 मार्च) को नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया. लोकसभा चुनाव से पहले बढ़ाई गई मजदूरी दर वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए है. मनरेगा मजदूरों के लिए नई वेतन दरें 1 अप्रैल, 2024 से लागू होंगी.
§֍:MGNREGA नोटिफिकेशन के लिए मांगी गई चुनाव आयोग से इजाजत§ֆ:
The Centre notifies the latest revision in MGNREGA wages pic.twitter.com/gcq2mrFWn7
— ANI (@ANI) March 28, 2024
§ֆ:बिजनेस स्टैंडर्ड ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मजदूरों दरों को नोटिफाई करने से पहले चुनाव आयोग से इसकी इजाजत मांगी थी. इसकी वजह ये है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इस वक्त पूरे देश में आदर्श आचार संहिता लागू है. एक बार जब आयोग से हरी झंडी मिल गई तो मंत्रालय ने तुरंत बढ़ी हुई मजदूरी का नोटिफिकेशन जारी कर दिया. बता दें कि मजदूरी दरों में बदलाव किया जाना एक नियमित प्रक्रिया रहा है.
§֍:क्या है मनरेगा योजना ? §ֆ:ग्रामीण विकास मंत्रालय के जरिए मनरेगा कार्यक्रम की शुरुआत 2005 में की गई. इसकी गिनती दुनिया के सबसे बड़े रोजगार गारंटी योजनाओं में से एक के तौर पर होती है. इस योजना के तहत सरकार ने एक न्यूनतम वेतन तय किया हुआ है, जिस पर ग्रामीण इलाकों के लोगों को काम पर रखा जाता है. मनरेगा के तहत करवाए जाने वाले काम अकुशल होते हैं, जिसमें गड्ढे खोदने से लेकर नाली बनाने जैसे काम शामिल हैं. योजना के तहत एक साल में 100 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलती है.
§चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत काम करने वाले मजदूरों को बड़ा तोहफा दिया है. दरअसल, सरकार ने मनरेगा मजदूरी दर में 3 से 10 फीसदी तक का इजाफा कर दिया है. इस संबंध में गुरुवार (28 मार्च) को नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया. लोकसभा चुनाव से पहले बढ़ाई गई मजदूरी दर वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए है. मनरेगा मजदूरों के लिए नई वेतन दरें 1 अप्रैल, 2024 से लागू होंगी.

