ֆ:इस प्रदर्शन से कान्तिलाल को 40,000 रूपयें की शुद्ध आमदनी प्राप्त हुई। इस प्रदर्शन के परिणाम से उसके जीवन में एक नई रोशनी का प्रादुर्भाव हुआ। अगले ही वर्ष इसने अपनी 2 बीघा जमीन में से 1.5 बीघा जमीन पर बैंगन-भिण्डी की फसल तथा केवल आधा बीघा जमीन पर धान्य फसलें उगाई। इस फसल चक्र से वर्ष 2010-11 में कान्तिलाल ने 1 लाख का शुद्व लाभ कमाया। इस आय से उत्साहित होकर उसने पहली ही साल में एक मोटर साइकिल एवं आधा बीघा कृषि योग्य भूमि भी खरीद डाली। अब यह युवा कृषक सब्जी उत्पादन विशेष रूप से ग्रीष्मकालीन हायब्रीड भिण्डी की खेती से बहुत खुश है। भिण्डी की खेती के अलावा वह टमाटर, मिर्च एवं बैंगन की खेती भी कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों के परामर्श से करने लगा है। कान्तिलाल की अनवरत मेहनत रंग लाई और आज उसके पास खर्च निकालने के बाद थोड़ी-थोडी पूंजी भी जुड़ने लगी है।
§ֆ: यह स्पष्ट है कि सब्जी का दायरा बढ़ाने से आमदनी में इजाफा हुआ है। श्री कान्तिलाल की सफलता को देखकर गाँव खेड़ा व उसके आस-पास के कई गाँव में कृषकों ने ग्रीष्मकालीन हायबी्रड भिण्डी की खेती करना शुरू कर दिया है। कान्तिलाल ने खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुऐ कहा कि हाथों की मेहनत व उचित तकनीकी ज्ञान इंसान की हैसियत बदल सकते हैं ।
§किसान अपनी मेहनतकश जिंदगी के लिए विश्व विख्यात है। उसकी मेहनत के साथ-साथ यदि उसको तकनीकों का ज्ञान भी हो तो खेती हमेशा लाभ का धंधा साबित होती है। ऐसा ही किया ग्राम-खेड़ा (टामटिया आड़ा) के श्री कान्तिलाल पुत्र श्री गोतमलाल चरपोटा (मो. नंबर 09680326650) आठवी पास 32 वर्षीय एक लघु आदिवासी किसान नें। कान्तिलाल के पास 2 बीघा जमीन थी जिस पर परम्परागत फसलों की खेती कर बड़ी मुश्किल से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। यह युवा कृषक वर्ष 2009 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत् आयोजित दो दिवसीय भिण्डी उत्पादन की उन्नत प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से कृषि विज्ञान केन्द्र, बांसवाड़ा के वैज्ञानिकों के सम्पर्क में आया। प्रशिक्षण के दौरान हायब्रीड भिण्डी की खेती की उन्नत तकनीकों के बारे में बताया गया। हाइब्रीड भिण्डी की खेती करने के लाभः लागत के बारें में दी गई जानकारी से प्रभावित होकर कान्तिलाल ने भिण्डी की खेती करने की मन में ठानी। प्रशिक्षण उपरान्त 2009 में उसके खेत पर 0.2 हैक्टेयर क्षेत्र में हायब्रीड भिण्डी का प्रथम पंक्ति प्रदर्शन भी लगाया।

