֍:जेल से केजरीवाल का फरमान §ֆ:केजरीवाल ने हाईकोर्ट को बताया कि ईडी दरअसल उनका अपराध साबित करने में असफल रही है. इसके साथ ही उन्होंने जेल से तुरंत रिहाई और रिमांड रद्द किए जाने की मांग की है.
§֍:शराब घोटाले में गिरफ्तार हुए थे केजरीवाल§ֆ:दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी ने लगभग दो घंटे की पूछताछ के बाद 21 मार्च को उनके आधिकारिक आवास से गिरफ्तार किया था. दिल्ली शराब घोटाले में उन्हें राउज एवेन्यू कोर्ट ने 28 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था. अपनी गिरफ्तारी के बाद भी अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया है. आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि वह दिल्ली के मुख्यमंत्री बने रहेंगे और जरूरत पड़ने पर जेल से सरकार चलाएंगे.
§֍:क्या थी नई शराब नीति?§ֆ:- 22 मार्च 2021 को मनीष सिसोदिया ने नई शराब नीति का ऐलान किया था. 17 नवंबर 2021 को नई शराब नीति यानी एक्साइज पॉलिसी 2021-22 लागू कर दी गई.
– नई शराब नीति आने के बाद सरकार शराब के कारोबार से बाहर आ गई. और पूरी शराब की दुकानें निजी हाथों में चली गई.
– नई नीति लाने के पीछे सरकार का तर्क था कि इससे माफिया राज खत्म होगा और सरकार के रेवेन्यू में बढ़ोतरी होगी.
– हालांकि, नई नीति शुरू से ही विवादों में रही. जब बवाल ज्यादा बढ़ गया, तब 28 जुलाई 2022 को सरकार ने नई शराब नीति रद्द कर फिर पुरानी पॉलिसी लागू कर दी.
§शराब घोटाले मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के विरोध में दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई हो रही है. केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी के विरोध में दायर याचिका में चार दलीलें दी हैं. इन दलीलों का हवाला देकर केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताया है.
केजरीवाल ने कहा है कि ईडी की ओर से की गई उनकी गिरफ्तारी उनके आधारभूत और मानवाधिकारों का उल्लंघन है. याचिका में कहा गया है कि ईडी याचिका के खिलाफ अपराध साबित करने में असफल रही है. साथ ही बिना पूछताछ किए गिरफ्तारी दिखाती है कि ये कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है.

