ֆ:एससीओ पवेलियन में प्रदर्शन का अवसर प्रदान किया गया जिसमें 15 से अधिक एससीओ स्टार्टअप ने अपने उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में इन उद्यमियों को प्रोत्सासहित करने, शिक्षित करने और सशक्त बनाने के लिए तैयार किए गए नेटवर्किंग अवसर उपलब्धय कराए गए। इसके अलावा, प्रतिनिधियों ने स्टार्टअप इंडिया द्वारा ‘सीड फंड की स्थापना: नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण’ विषय पर आयोजित एक कार्यशाला में भी भाग लिया। इस कार्यशाला में शुरुआती चरण के स्टार्टअप की सहायता के लिए सीड फंड स्थापित करने के विभिन्न मॉडलों को समझाने के लिए एक संवादमूलक सत्र भी शामिल था। इस कार्यशाला ने प्रतिभागियों को सीड फंड की स्थापना में शामिल रणनीतिक योजनाओं और निष्पायदन के बारे में व्यापक अभियान उपलब्धफ कराया गया।
§ֆ:सभी सदस्य देश स्टार्टअप और इनोवेशन (एसडब्ल्यूजी) के लिए 16 सितंबर, 2022 को समरकंद, (उज्बेकिस्तान) में आयोजित एससीओ राष्ट्राध्यक्षों के शिखर सम्मेलन में विशेष कार्य समूह बनाने पर सहमत हुए थे। अर्थव्यवस्था को आगे बढाने और उसमें विविधता लाने के बारे में नवाचार और उद्यमिता के महत्व को देखते हुए, भारत ने एससीओ सदस्य देशों के बीच सहयोग का एक नया स्तंभ बनाने के लिए 2020 में इस पहल का प्रस्ताव किया था। एसडब्ल्यूजी को एससीओ सदस्य देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की दृष्टि से बनाया गया था, ताकि इससे न केवल स्टार्टअप इकोसिस्टहम को लाभ पहुंचे, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास भी तेज हो। वर्ष 2023 में डीपीआईआईटी की अध्यक्षता में कई दौर की बैठकों के बाद, सदस्य देशों ने एससीओ में भारत की स्थायी अध्यक्षता के लिए एसडब्यूें जी के विनियमों को मंजूरी देने और अपनाने का निर्णय लिया गया।
§ֆ:डीपीआईआईटी ने स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए विभिन्न पहलों का आयोजन किया है। इस तरह की गतिविधियों का नेतृत्व करके भारत को नवाचार प्रदर्शन का विस्तार करने, पूरे इकोसिस्टम को एक सूत्र में बांधने और अन्य एससीओ सदस्य देशेां को इसी प्रकार के कार्यक्रम शुरू करने के लिए प्रेरित करने का अवसर प्राप्तअ हुआ है। एससीओ सदस्य देशों में स्थानीय स्टार्टअप इकोसिस्टरम को सशक्त बनाने के उद्देश्यप से भारत द्वारा स्टासर्टअप गतिविधियों का आयोजन किया जाता है ताकि निवेश और कॉरपोरेट कार्य गतिविधियों की पहुंच को सक्षम करने और मार्गदर्शन के माध्यम से स्टार्टअप को महत्वर दिया जा सके।इस कार्य में आगे बढ़ते हुए भारत नवंबर 2024 में एसडब्ल्यूजी की दूसरी बैठक और जनवरी 2025 में एससीओ स्टार्टअप फोरम 5.0 बैठक की मेजबानी करेगा।एससीओ स्टार्टअप फोरम 1.0: 2020 में एससीओ स्टार्टअप फोरम ने एससीओ सदस्य देशों के बीच स्टार्टअप के लिए बहुपक्षीय सहयोग और सहभागिता की आधारशिला रखी।
§ֆ:एससीओ स्टार्टअप फोरम 2.0: वर्ष 2021 में अनुकूलित मंच के माध्य म से वर्चुअली दो दिवसीय फोरम का आयोजन किया गया जिसमें संवर्धित वास्तविकता के माध्येम से भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया गया। एससीओ स्टार्टअप हब, एससीओ स्टार्टअप इकोसिस्ट्म के लिए एकल बिंदु संपर्क है जिसे इस फोरम में लॉन्च किया गया था। फोकस्ड मेंटरशिप प्रोग्राम: एससीओ स्टार्टअप संस्थापकों के बीच क्षमता निर्माण के उद्देश्य। से नामांकित स्टार्टअप्स के लिए वर्ष 2022 में 3 महीने लंबी वर्चुअल मेंटरशिप श्रृंखला ‘स्टार्टिंग-अप’ का आयोजन किया गया था ताकि स्टार्टअप्स संस्था पकों में क्षमता निर्माण हो सके। इसमें स्टादर्टअप को कुल 100+घंटे की मेंटरशिप प्रदान की गई थी। एससीओ स्टार्टअप फोरम 3.0: डीपीआईआईटी ने एससीओ सदस्य देशों के लिए वर्ष 2023 में पहली बार भौतिक एससीओ स्टार्टअप फोरम का आयोजन किया था। इसमें ‘स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय जुड़ाव की भूमिका’ पर आयोजित कार्यशाला में प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। इसके बाद आईआईटी दिल्ली में एक इनक्यूबेटर का दौरा किया गया।एसडब्ल्यूजी की पहली बैठक: भारत की स्थायी अध्यक्षता में स्टार्टअप और नवाचार पर एससीओ विशेष कार्य समूह (एसडब्ल्यूजी) की पहली बैठक वर्ष 2023 में ‘ग्रोइंग फ्रॉम रूट्स’ विषय पर आयोजित की गई थी। 9 एससीओ सदस्यों देशों के 25 प्रतिनिधि ने बैठक में भाग लिया और अपने स्टार्टअप इकोसिस्ट म तथा इस विषय में शामिल कृषि और पशुपालन क्षेत्रों से संबंधित सहयोग के संभावित क्षेत्रों के बारे में जानकारी दी।
§शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) स्टार्टअप फोरम के चौथे संस्करण का नई दिल्ली में आयोजन किया गया था। यह पहल एससीओ सदस्य देशों के बीच स्टार्टअप बातचीत को व्यापक बनाने, नवाचार के लिए अनुकूल माहौल को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन को बढ़ावा देने और युवा प्रतिभाओं को नवीन समाधान विकसित करने के लिए केंद्रित है।इस फोरम के पूर्ण सत्र में एससीओ सदस्य देशों की भौतिक भागीदारी देखी गई। इसमें एससीओ स्टार्टअप का एक प्रतिनिधिमंडल, सदस्य देशों में स्टार्टअप के लिए नोडल एजेंसियां, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और राजनयिक शामिल हुए। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) में सचिव श्री राजेश कुमार सिंह ने मुख्य् भाषण दिया, जिसमें देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में स्टार्टअप इकोसिस्टमम की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव, श्री संजीव ने भारत की स्टार्टअप यात्रा और भारत सरकार द्वारा स्टार्टअप को बढ़ावा देने की पहलों के बारे में प्रतिनिधिमंडल को संबोधित किया।

