केंद्रीय कृषि मंत्री एवं विदिशा-रायसेन से सांसद शिवराज सिंह चौहान ने अपने संसदीय क्षेत्र में तिरंगा यात्रा और स्वदेशी मार्च का आयोजन किया। स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने विदिशा में महिलाओं की स्वयं सहायता समूह (SHGs) की बहनों के साथ रक्षाबंधन पर्व मनाकर की। इस अवसर पर उन्होंने सभी बहनों के साथ संकल्प लिया कि हर घर पर तिरंगा फहराया जाएगा और देशवासी अपने जीवन में स्वदेशी उत्पादों को अपनाएंगे।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि तिरंगा हमारा गौरव, सम्मान और पहचान है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में हो रही प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि आज देश की 3 करोड़ बहनें ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इनमें से लगभग 2 करोड़ महिलाएं पहले ही इस मुकाम पर पहुंचने के करीब हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह लक्ष्य तय समय से पहले ही पूरा होगा।
कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले समय में महिलाएं सिर्फ लखपति ही नहीं, बल्कि ‘मिलियनियर दीदी’ बनकर समाज और अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की बहनों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके लिए और भी मजबूत योजनाएं लाएगी।
तिरंगा यात्रा और स्वदेशी मार्च के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक जीवन में केवल ‘मेड इन इंडिया’ वस्तुओं का उपयोग करें। उन्होंने कहा, “मैं संकल्प लेता हूं कि मैं हर रोज केवल भारत में बने उत्पादों का ही उपयोग करूंगा और अपने परिवार, पड़ोस और गांव के हर व्यक्ति से भी यही आग्रह करूंगा।”
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री ने विदेश नीति के मुद्दे पर भी स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा कि अब चर्चा का विषय सिंधु जल संधि नहीं बल्कि पाकिस्तान-आधिकृत कश्मीर है, जिस पर भारत का हक है और रहेगा।
इस तरह स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर विदिशा-रायसेन में आयोजित यह तिरंगा यात्रा न केवल देशभक्ति और स्वदेशी भावना का संदेश लेकर आई, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी और मजबूत करती दिखाई दी।

