उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने किसानों के कल्याण और कृषि विकास को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाते हुए राज्य में एक नई कृषि क्रांति का सूत्रपात किया है। 2017 से लगातार किसानों के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं और नीतियों का सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट दिखाई देने लगा है। खरीफ सत्र 2025 में उर्वरकों की रिकॉर्ड बिक्री और किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की उपलब्धता इसका जीवंत उदाहरण है।
उर्वरक उपलब्धता में ऐतिहासिक वृद्धि
कृषि विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, खरीफ सत्र 2025 में 11 अगस्त तक प्रदेश में 39.40 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की बिक्री हुई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि (33.42 लाख मीट्रिक टन) की तुलना में 5.98 लाख मीट्रिक टन अधिक है। इसमें यूरिया की बिक्री 28.98 लाख मीट्रिक टन, डीएपी 5.11 लाख मीट्रिक टन, एनपीके 2.25 लाख मीट्रिक टन और एसएसपी 2.63 लाख मीट्रिक टन रही है। सरकार ने किसानों को निर्धारित मूल्य (MRP) पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के साथ-साथ कालाबाजारी, जमाखोरी और ओवररेटिंग जैसी अनियमितताओं पर सख्त नियंत्रण भी स्थापित किया है।
किसानों के लिए बहुआयामी योजनाएं
योगी सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं:
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि: अब तक प्रदेश के 2.86 करोड़ किसानों को 80,000 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है।
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फसल बीमा योजना: 58.07 लाख किसानों को 47,535 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान की गई।
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कुसुम योजना: 76,189 किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए गए, जिससे सिंचाई लागत में कमी आई।
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जैविक खेती को बढ़ावा: 49 जिलों में 85,710 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया गया।
कृषि उत्पादन में ऐतिहासिक उछाल
योगी सरकार के प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश का खाद्यान्न उत्पादन 2016-17 के 557 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 2023-24 में 669 लाख मीट्रिक टन हो गया है 5। तिलहन उत्पादन में 128% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि उत्पादकता 27 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 31 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गई है।
उत्तर प्रदेश सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों और योजनाओं ने न केवल कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी है, बल्कि प्रदेश के अन्नदाताओं के जीवन स्तर में भी सुधार लाया है। उर्वरकों की बढ़ती उपलब्धता और कृषि उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि इसका स्पष्ट प्रमाण है। आने वाले समय में सरकार का लक्ष्य प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है, जिसमें कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

