अंतर्गत ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी (OALP) लागू हुई। इसके तहत OALP बिड राउंड I से IX में कुल 172 अन्वेषण ब्लॉक (3,78,652 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल) सफल बोलीदाताओं को आवंटित किए गए हैं। साथ ही, OALP बिड राउंड X में 25 अन्वेषण ब्लॉकों (1,91,986.21 वर्ग किमी) की पेशकश 15 अप्रैल 2025 को की गई है।
वर्तमान में देश में 8 तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) टर्मिनलों की कुल क्षमता 52.7 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) है। राज्य के स्वामित्व वाली तेल और गैस कंपनियों ने अब तक 13 एलएनजी रिटेल स्टेशन स्थापित किए हैं, जबकि निजी क्षेत्र के 16 एलएनजी रिटेल स्टेशन भी संचालित हो रहे हैं।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (PNGRB) ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क विकसित करने के लिए 307 भौगोलिक क्षेत्रों (GAs) को अनुमति दी है, जो देश के मुख्य भूभाग (द्वीपों को छोड़कर) का लगभग 100% हिस्सा कवर करते हैं। 31 मई 2025 तक, विभिन्न CGD इकाइयों ने 1.50 करोड़ घरेलू PNG कनेक्शन प्रदान किए और 8,083 CNG स्टेशन चालू किए हैं।जनवरी 2023 में सरकार ने राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन शुरू किया, जिसका लक्ष्य भारत को ग्रीन हाइड्रोजन और इसके डेरिवेटिव के उत्पादन, उपयोग और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है। इसके तहत 2030 तक 5 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
राष्ट्रीय बायोफ्यूल नीति 2018 (संशोधित 2022) में पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य वर्ष 2030 से घटाकर इथेनॉल आपूर्ति वर्ष (ESY) 2025-26 कर दिया गया। चालू ESY 2025-26 में 30 जून 2025 तक सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने औसतन 18.93% इथेनॉल मिश्रण हासिल किया है।इसके अलावा, 1 अक्टूबर 2018 को सरकार ने सस्टेनेबल अल्टरनेटिव टुवर्ड्स अफोर्डेबल ट्रांसपोर्टेशन (SATAT) पहल शुरू की, जिसका उद्देश्य देश में विभिन्न अपशिष्ट/बायोमास स्रोतों से कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) का उत्पादन और प्राकृतिक गैस के साथ इसके उपयोग को बढ़ावा देना है।

