हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले का टमाटर देशभर में अपनी उच्च गुणवत्ता के लिए मशहूर है, लेकिन इस साल अत्यधिक बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। किसानों के अनुसार, इस साल टमाटर की 45 से 50 प्रतिशत फसल बर्बाद हो गई है। बाजार में टमाटर के दाम बढ़ने के बावजूद किसानों को कोई खास फायदा नहीं हो रहा है।
दिल्ली तक जाता है सोलन का टमाटर
सोलन की सब्जी मंडी हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी टमाटर मंडी है, जहां से टमाटर दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा जैसे बड़े बाजारों में सप्लाई किया जाता है। सोलन के ज्यादातर किसान टमाटर की खेती पर निर्भर हैं, लेकिन इस बार मौसम ने उनके साथ क्रूर मजाक किया है।
टमाटर के दाम बढ़े, लेकिन किसानों को नुकसान
पिछले 5 दिनों में टमाटर के दाम में 300 से 500 रुपये प्रति क्रेट की बढ़ोतरी हुई है। टॉप क्वालिटी का टमाटर 1,000 से 1,200 रुपये प्रति क्रेट (25 किलो) के हिसाब से बिक रहा है। हालांकि, फसल खराब होने के कारण किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सोलन मंडी के आढ़ती आशीष ने बताया, “टमाटर के दाम अच्छे हैं, लेकिन बारिश से फसल को भारी नुकसान हुआ है। किसानों की मेहनत बर्बाद हो गई।”
पिछले साल बना था रिकॉर्ड दाम
सोलन का हिमसोना टमाटर पिछले साल रिकॉर्ड कीमतों पर बिका था। 2023 में एक क्रेट (25 किलो) टमाटर 4,275 रुपये तक बिका था, जो 171 रुपये प्रति किलो के हिसाब से था। इससे किसानों को अच्छा मुनाफा हुआ था, लेकिन इस साल मौसम की मार ने उनकी कमर तोड़ दी है।
किसानों की बढ़ी मुश्किलें
टमाटर किसान हर्ष कुमार ने बताया, “टमाटर के दाम अच्छे हैं, लेकिन बारिश से हमारी 80% फसल खराब हो गई। अगर फसल सही रहती, तो हमें अच्छी कमाई होती।”
सोलन मंडी में अब तक 2 लाख से अधिक क्रेट टमाटर आ चुके हैं, लेकिन किसानों को उम्मीद से कम उपज मिली है। सरकार की ओर से अभी तक कोई विशेष राहत की घोषणा नहीं हुई है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
निष्कर्ष
सोलन का टमाटर देशभर में प्रसिद्ध है, लेकिन इस बार प्राकृतिक आपदा ने किसानों की मेहनत पर ग्रहण लगा दिया है। बाजार में दाम बढ़ने के बावजूद किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब सवाल यह है कि क्या सरकार किसानों की मदद के लिए आगे आएगी?

