पानीपत: हरियाणा के पानीपत जिले के इसराना की नई अनाज मंडी में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के आह्वान पर एक बड़ी किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के बैनर तले और जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में हुई इस महापंचायत में हजारों किसानों ने भाग लिया। इस दौरान एमएसपी गारंटी कानून, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और किसानों के ऋण मुक्ति जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। साथ ही, 25 अगस्त को दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय किसान महापंचायत के लिए रणनीति तैयार की।
महापंचायत के प्रमुख मुद्दे
25 अगस्त को दिल्ली कूच की तैयारी
महापंचायत में 25 अगस्त को दिल्ली में होने वाले बड़े प्रदर्शन की योजना बनाई गई। इसके लिए अगले कुछ दिनों में राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में किसान महापंचायतों का आयोजन किया जाएगा:
किसान नेताओं ने एकजुटता का आह्वान किया
जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि किसानों पर “चौतरफा हमले” हो रहे हैं। एक ओर सरकारी योजनाओं के नाम पर उनकी जमीनें छीनी जा रही हैं, तो दूसरी ओर बहुराष्ट्रीय कंपनियों का दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने सभी किसान संगठनों से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत करने का आग्रह किया।
महापंचायत में शामिल प्रमुख नेता
इस आयोजन में जगजीत सिंह डल्लेवाल, बलदेव सिंह सिरसा, सतनाम सिंह बेहरु, राजबीर सिंह (उत्तर प्रदेश), अभिमन्यु कोहाड़ (हरियाणा), और इंदरजीत पन्नीवाला (राजस्थान) जैसे किसान नेताओं ने भाग लिया। पंचायत का संचालन प्रदेश प्रवक्ता मनोज जागलान ने किया, जबकि जिला प्रधान शमशेर पूनिया ने आए हुए नेताओं का स्वागत किया ।
किसान आंदोलन एक बार फिर से जोर पकड़ रहा है। 25 अगस्त को दिल्ली में होने वाली महापंचायत किसानों के लिए एक बड़ा मंच साबित हो सकती है। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य सरकार से एमएसपी गारंटी कानून, कर्ज मुक्ति और किसान-हितैषी नीतियों की मांग करना है। अगले दो हफ्तों में कई राज्यों में होने वाली महापंचायतें इस आंदोलन को और व्यापक बनाने में मदद करेंगी।
महापंचायत के प्रमुख मुद्दे
- एमएसपी गारंटी कानून: किसान नेताओं ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानूनी गारंटी की मांग को दोहराया। उनका कहना है कि सरकार इस मुद्दे पर कोई ठोस पहल नहीं कर रही है।
- स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट: किसानों ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग की, जिसमें किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने की बात कही गई है।
- भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि अमेरिका भारत पर दबाव बना रहा है ताकि वह कृषि, डेयरी और पोल्ट्री सेक्टर में प्रवेश कर सके। उन्होंने सरकार से इन क्षेत्रों को व्यापार समझौते से बाहर रखने की मांग की।
- कर्ज मुक्ति और भूमि अधिग्रहण: किसानों ने 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून को पूरे देश में लागू करने और किसानों-मजदूरों के ऋण माफी की मांग की।
25 अगस्त को दिल्ली कूच की तैयारी
महापंचायत में 25 अगस्त को दिल्ली में होने वाले बड़े प्रदर्शन की योजना बनाई गई। इसके लिए अगले कुछ दिनों में राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में किसान महापंचायतों का आयोजन किया जाएगा:
- 11-12 अगस्त: राजस्थान के श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में
- 14-15 अगस्त: मध्य प्रदेश के इटारसी और अशोकनगर में
- 17-19 अगस्त: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़, संभल और बागपत में
किसान नेताओं ने एकजुटता का आह्वान किया
जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि किसानों पर “चौतरफा हमले” हो रहे हैं। एक ओर सरकारी योजनाओं के नाम पर उनकी जमीनें छीनी जा रही हैं, तो दूसरी ओर बहुराष्ट्रीय कंपनियों का दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने सभी किसान संगठनों से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत करने का आग्रह किया।
महापंचायत में शामिल प्रमुख नेता
इस आयोजन में जगजीत सिंह डल्लेवाल, बलदेव सिंह सिरसा, सतनाम सिंह बेहरु, राजबीर सिंह (उत्तर प्रदेश), अभिमन्यु कोहाड़ (हरियाणा), और इंदरजीत पन्नीवाला (राजस्थान) जैसे किसान नेताओं ने भाग लिया। पंचायत का संचालन प्रदेश प्रवक्ता मनोज जागलान ने किया, जबकि जिला प्रधान शमशेर पूनिया ने आए हुए नेताओं का स्वागत किया ।
किसान आंदोलन एक बार फिर से जोर पकड़ रहा है। 25 अगस्त को दिल्ली में होने वाली महापंचायत किसानों के लिए एक बड़ा मंच साबित हो सकती है। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य सरकार से एमएसपी गारंटी कानून, कर्ज मुक्ति और किसान-हितैषी नीतियों की मांग करना है। अगले दो हफ्तों में कई राज्यों में होने वाली महापंचायतें इस आंदोलन को और व्यापक बनाने में मदद करेंगी।

