प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त के शुभ अवसर पर भाकृअनुप–राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र (एनआरसीएसएस), अजमेर में “किसान उत्सव” का आयोजन किया गया। यह आयोजन किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और आधुनिक कृषि नवाचारों के प्रसार का प्रतीक बन गया।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर वाराणसी से वर्चुअल माध्यम से देशभर के किसानों को संबोधित किया और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के ज़रिए करोड़ों किसानों के खातों में आर्थिक सहायता भेजी। साथ ही, उन्होंने किसान हितैषी योजनाओं की पारदर्शिता और प्रभाव को भी रेखांकित किया।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने पटना से वर्चुअली जुड़ते हुए किसानों को शुभकामनाएं दीं और सरकार की प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार अब हर वर्ष रबी और खरीफ सीजन से पहले ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान‘ चलाएगी, ताकि वैज्ञानिक तरीकों से खेती को और सशक्त किया जा सके। उन्होंने जलवायु परिवर्तन की गंभीरता पर भी चिंता जताई और इससे निपटने के लिए सामूहिक रणनीति की आवश्यकता पर बल दिया।
इस कार्यक्रम के दौरान श्री भागीरथ चौधरी ने एनआरसीएसएस की बीज प्रसंस्करण इकाई की आधारशिला भी रखी, जो किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
उन्होंने क्षेत्र में जलभराव और प्रदूषित जल की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए इनके समाधान का आश्वासन भी दिया। साथ ही, संस्थान के लिए नए ऑडिटोरियम के निर्माण की भी घोषणा की गई, जो भविष्य में वैज्ञानिकों और किसानों के बीच संवाद का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।
इस “किसान उत्सव” में बड़ी संख्या में किसान, वैज्ञानिक, कृषि विशेषज्ञ और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए। यह आयोजन किसानों को तकनीकी जानकारी, बीजों की उन्नत किस्मों और सरकारी योजनाओं की जानकारी से जोड़ने का एक सशक्त मंच बना।

