Dharali Rescue Update: उत्तराखंड के धराली और हर्षिल क्षेत्र में बादल फटने से आई भीषण तबाही के बाद राहत-बचाव कार्य दूसरे दिन भी जारी है। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आईटीबीपी की टीमें युद्धस्तर पर लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। अब तक 190 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, लेकिन 11 जवानों सहित 70 लोग अभी भी लापता हैं, जबकि 5 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
सड़क मार्ग खुलने से राहत, हेलिकॉप्टरों पर निर्भरता कम
भटवारी में बह गए राजमार्ग को BRO और GREF की टीमों ने अस्थायितौर पर ठीक कर दिया है, जिससे धराली और हर्षिल तक सड़क मार्ग से पहुंच संभव हो गई है। इससे पहले, हेलिकॉप्टर ही रेस्क्यू का एकमात्र सहारा था। सेना के चिनूक, Mi-17 और ALH हेलिकॉप्टर घायलों को अस्पताल पहुंचाने और राहत सामग्री ले जाने में लगे हुए हैं।
तीन क्षेत्रों में जारी है बचाव अभियान
आपदा से धराली, हर्षिल और सुखी टॉप सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। यहां लगातार भूस्खलन और बारिश के कारण रेस्क्यू कार्य में बाधाएं आ रही हैं। सेना की 225 से अधिक जवानों की टुकड़ी, रीको रडार और सर्च डॉग्स की मदद से मलबे में जिंदगियों की तलाश कर रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया तबाही का मंजर
धराली के निवासियों ने बताया कि देखते ही देखते पूरा इलाका सैलाब में समा गया। कई घर और दुकानें पलभर में बह गईं। स्थानीय मंदिर के पुजारी ने कहा, “हमने अपने जीवन में ऐसी तबाही नहीं देखी”।
केरल के 28 पर्यटक भी लापता
खबरों के अनुसार, केरल के 28 पर्यटकों का एक समूह भी इस घटना के बाद से लापता है। प्रशासन उनकी तलाश में जुटा है।
मौसम साफ होने से बचाव कार्य को गति
मौसम में सुधार होने से रेस्क्यू ऑपरेशन तेज हुआ है, लेकिन मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिससे चुनौतियां बढ़ सकती हैं।
धराली में आई प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई है, लेकिन सुरक्षा बलों और प्रशासन की ओर से बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। सड़क मार्ग के खुलने से राहत कार्यों को गति मिली है, लेकिन अभी भी कई लोगों की तलाश जारी है।

