प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत अब तक देश भर के किसानों को 3.90 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता सीधे उनके आधार लिंक बैंक खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है।
योजना का उद्देश्य और लाभ
फरवरी 2019 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस केंद्र प्रायोजित योजना का उद्देश्य सीमांत और छोटे किसानों की आर्थिक मदद करना है। योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को ₹6,000 वार्षिक सहायता तीन समान किस्तों में सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से उनके खातों में भेजी जाती है। इसके लिए पात्रता का मुख्य आधार है – कृषि योग्य भूमि का स्वामित्व।
डिजिटल पोर्टल और पारदर्शी प्रक्रिया
योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी पारदर्शिता और डिजिटल प्रबंधन है। किसानों को किसी बिचौलिये की जरूरत नहीं होती। पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और किसान स्वयं पोर्टल, मोबाइल ऐप या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पात्र किसानों को अगली किस्त में लाभ भेजा जाता है।
सैचुरेशन ड्राइव से जुड़े 1 करोड़ से अधिक किसान
सरकार द्वारा यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं कि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए नवंबर 2023 से विकसित भारत संकल्प यात्रा (VBSY) के अंतर्गत एक व्यापक सैचुरेशन ड्राइव चलाई गई, जिसमें 1 करोड़ से अधिक नए किसानों को योजना में शामिल किया गया।
100 दिन की पहल में 25 लाख किसान और जुड़े
नवगठित सरकार की 100 दिन की प्राथमिकता योजनाओं के तहत अब तक करीब 25 लाख और नए पात्र किसानों को योजना का लाभ देने के लिए जोड़ा गया है। साथ ही, सितंबर 2024 से शुरू किए गए विशेष अभियान के अंतर्गत 30 लाख लंबित स्वयं पंजीकृत मामलों को राज्यों द्वारा मंजूरी दी जा चुकी है।
हर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश में जारी है पंजीकरण
योजना का पंजीकरण लगातार जारी है और यह देश के सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के किसानों के लिए खुला है, जिनमें महाराष्ट्र जैसे बड़े कृषि राज्य भी शामिल हैं।
PM-KISANयोजना न केवल किसानों के जीवन में आर्थिक सहारा बनकर उभरी है, बल्कि इसे देश की सबसे बड़ी और पारदर्शी किसान कल्याण योजनाओं में भी गिना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि देश का हर पात्र किसान इस योजना का लाभ पा सके और देश की कृषि अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।

