स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) से पहले दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई है। एक मॉक ड्रिल के दौरान डमी बम का पता न लगा पाने के कारण दिल्ली पुलिस ने सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है, जबकि एक अलग मामले में पांच बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से लाल किला परिसर में घुसने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार किया गया है।
सुरक्षा ड्रिल में बड़ी चूक
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 3 अगस्त (शनिवार) को लाल किले पर एक सुरक्षा अभ्यास (मॉक ड्रिल) आयोजित किया था। इस दौरान टीम ने सिविल ड्रेस पहनकर एक डमी बम के साथ परिसर में प्रवेश किया, लेकिन तैनात सुरक्षाकर्मी इसे पहचानने में विफल रहे। इस गंभीर लापरवाही के बाद दिल्ली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सात पुलिसकर्मियों—जिनमें कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल शामिल हैं—को निलंबित कर दिया।
डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि यह ड्रिल 15 अगस्त की सुरक्षा तैयारियों का हिस्सा था, लेकिन सुरक्षा में ऐसी चूक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरनाक हो सकती है58। इस घटना के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जा रही है और आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
5 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार
एक अन्य घटना में, दिल्ली पुलिस ने 4 अगस्त (सोमवार) को पांच बांग्लादेशी नागरिकों को लाल किला परिसर में जबरन घुसने की कोशिश करते हुए पकड़ा। ये सभी 20-25 वर्ष की उम्र के हैं और अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। पुलिस ने इनके पास से बांग्लादेशी दस्तावेज बरामद किए हैं, हालांकि कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली है।
इन युवकों से पूछताछ जारी है, और उन्हें बांग्लादेश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है10। पुलिस का मानना है कि ये दिल्ली में मजदूरी का काम करते थे, लेकिन उनके लाल किले में प्रवेश का उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं है।
स्वतंत्रता दिवस को लेकर सुरक्षा चिंताएं
लाल किला भारत की सुरक्षा और गौरव का प्रतीक है, और 15 अगस्त को प्रधानमंत्री यहां से राष्ट्र को संबोधित करते हैं। इसलिए, सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक गंभीर मानी जाती है1। इस घटना के बाद गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त बनाने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा, दिल्ली पुलिस ने 2 से 16 अगस्त तक ड्रोन और गुब्बारों जैसे उप-पारंपरिक हवाई प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही, बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की सख्त जांच की जा रही है।
निष्कर्ष
इन घटनाओं ने स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा तंत्र की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा में कोई समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत हो पाती है।

