भारत सरकार के “स्किल इंडिया मिशन” (SIM) के तहत युवाओं को उद्योग से जुड़े कौशल में प्रशिक्षित कर उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में निरंतर प्रगति हो रही है। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं – प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY), जन शिक्षण संस्थान (JSS), राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना (NAPS) और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) के माध्यम से देशभर के युवाओं को कौशल, पुनः-कौशल और उन्नयन प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
अब तक हुए प्रशिक्षित और प्रमाणित युवा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 30 जून 2025 तक विभिन्न योजनाओं के तहत प्रशिक्षित और प्रमाणित युवाओं की संख्या इस प्रकार है:
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योजना |
प्रशिक्षित |
प्रमाणित |
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PMKVY (2015-2025) |
1,64,07,263 |
1,29,21,524 |
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JSS (2018-2025) |
31,43,415 |
30,96,387 |
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NAPS (2018-2025) |
40,81,154 |
6,76,634 |
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CTS (ITI) (2018-2024) |
92,66,381 (नामांकित) |
55,86,435 |
पूरे देश में फैला प्रशिक्षण नेटवर्क
MSDE की योजनाएं मांग आधारित (demand driven) हैं और इनके तहत देशभर में प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की जाती है। वर्तमान में:
- PMKVY 4.0 के तहत प्रशिक्षण केंद्र: 12,838
- JSS केंद्र: 289
- NAPS के तहत पंजीकृत प्रतिष्ठान: 51,895
- औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITIs): 14,615
नए युग की मांग के अनुसार पाठ्यक्रम
आज के प्रतिस्पर्धी और तकनीकी युग की जरूरतों को देखते हुए MSDE ने कई नवाचार किए हैं:
- AI/ML, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे भविष्य की तकनीकों पर आधारित पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं।
- 5G नेटवर्क तकनीशियन, साइबर सुरक्षा सहायक, ड्रोन् तकनीशियन जैसे नए पाठ्यक्रम ITIs और राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (NSTIs) में शुरू किए गए हैं।
- IBM, CISCO, Microsoft, AWS जैसे वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ साझेदारी कर आधुनिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
- Skill India Digital Hub (SIDH) प्लेटफॉर्म के जरिए स्किलिंग, शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
रोजगार मेले और अप्रेंटिसशिप अवसर
प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार और अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध कराने के लिए PM राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप मेले (PMNAMs) और रोजगार मेलों का आयोजन किया जाता है। SIDH पोर्टल पर प्रशिक्षित युवाओं का डेटा अपलोड किया जाता है, जिससे उन्हें नियोक्ताओं से जोड़ने में मदद मिलती है।
स्वतंत्र मूल्यांकन में मिली सफलता
नीति आयोग द्वारा PMKVY योजना का मूल्यांकन अक्टूबर 2020 में किया गया था, जिसमें पाया गया कि 94% नियोक्ताओं ने PMKVY से प्रशिक्षित युवाओं को दोबारा नियुक्त करने की इच्छा जताई।
वहीं JSS योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लाभार्थियों की आय में लगभग दुगनी वृद्धि हुई है।
NAPS योजना ने युवाओं की रोजगार-योग्यता में स्पष्ट सुधार दिखाया है, वहीं ITI से पास हुए 63.5% युवा रोजगार प्राप्त कर चुके हैं।
प्रशिक्षण की गुणवत्ता और निगरानी
- PMKVY में आधार आधारित नामांकन और बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली से पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है।
- वर्चुअल वेरिफिकेशन, सरप्राइज विजिट और कॉल वेरिफिकेशन जैसे तकनीकी उपकरणों से निगरानी की जाती है।
- NAPS और JSS योजनाओं की निगरानी के लिए राज्य व जिला स्तर पर समितियां गठित हैं।
- ITIs के लिए डेटा आधारित ग्रेडिंग प्रणाली लागू की गई है।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और कौशल भारत मिशन के तहत देशभर में करोड़ों युवाओं को न केवल प्रशिक्षण मिला है, बल्कि उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी सुलभ हुए हैं। तकनीक, उद्योग और पारंपरिक शिल्प से जुड़े हजारों पाठ्यक्रमों के माध्यम से भारत का युवा वर्ग आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार हो रहा है।

