• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Fasal Kranti Agriculture News
Advertisement
  • Home
  • कृषि समाचार
  • समाचार
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • सफ़लता की कहानी
  • साक्षात्कार
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल
  • अन्य
  • Login
No Result
View All Result
  • Home
  • कृषि समाचार
  • समाचार
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • सफ़लता की कहानी
  • साक्षात्कार
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल
  • अन्य
No Result
View All Result
Fasal Kranti Agriculture News
No Result
View All Result
Home कृषि समाचार

प्याज किसानों की मदद के लिए RoDTEP दर बढ़ाने और ट्रांसपोर्ट सब्सिडी की मांग, केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप की अपील

Fiza by Fiza
August 1, 2025
in कृषि समाचार
0
प्याज किसानों की मदद के लिए RoDTEP दर बढ़ाने और ट्रांसपोर्ट सब्सिडी की मांग, केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप की अपील
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

महाराष्ट्र के किसान संगठनों और नेताओं ने प्याज की गिरती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। नासिक से सांसद राजभाऊ प्रकाश वाजे और लासलगांव एपीएमसी के चेयरमैन ज्ञानेश्वर किसान जगताप ने क्रमशः कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर प्याज किसानों को राहत देने के लिए RoDTEP (रिफंड ऑफ ड्यूटी एंड टैक्सेस ऑन एक्सपोर्ट प्रोडक्ट्स) की दर 5% तक बढ़ाने और ट्रांसपोर्ट सब्सिडी देने की गुहार लगाई है।

क्यों गिर रहे हैं प्याज के दाम?

  • फसल की अधिक आपूर्ति: दक्षिण भारत से अगस्त में नए प्याज की आवक होने की उम्मीद है, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ सकती है।

  • मॉनसून का प्रभाव: इस साल मॉनसून के जल्दी आने से खरीफ प्याज की फसल भी जल्दी आने की संभावना है।

  • अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा: पाकिस्तान और चीन जैसे देशों ने प्याज का निर्यात सस्ते दामों पर शुरू कर दिया है, जिससे भारतीय निर्यातकों को मुकाबला करने में दिक्कत हो रही है।

क्या मांग की गई है?

  • RoDTEP दर बढ़ाकर 5% करें: वर्तमान दरें निर्यातकों को पर्याप्त सहायता नहीं दे पा रही हैं। अगर दरें बढ़ाई जाती हैं, तो भारतीय प्याज वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकेगा।

  • 7% तक ट्रांसपोर्ट सब्सिडी: माल ढुलाई की लागत कम करने के लिए ट्रांसपोर्ट और मार्केटिंग असिस्टेंस (IMA) योजना लागू की जाए।

  • निर्यात को बढ़ावा: सरकारी समर्थन से किसानों और व्यापारियों को निर्यात के जरिए बेहतर दाम मिल सकेंगे।

किसानों को हो रहा भारी नुकसान

लासलगांव एपीएमसी के चेयरमैन जगताप ने बताया कि पिछले महीने प्याज 1,500-1,600 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा था, लेकिन अब कीमतें गिरकर 1,000-1,100 रुपये प्रति क्विंटल हो गई हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।

सरकार से अपील: तुरंत कदम उठाएं

संगठनों ने कहा कि अगर सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो प्याज किसानों और व्यापारियों को भारी संकट का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि RoDTEP और ट्रांसपोर्ट सब्सिडी मिलकर प्याज निर्यात को बढ़ावा दे सकते हैं, जिससे घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर होंगी।

Previous Post

बिहार में मॉनसून की मार: सब्जियों के दाम आसमान पर, किसानों की मुश्किलें बढ़ीं

Next Post

कैबिनेट ने PM किसान संपदा योजना को 6,520 करोड़ रुपये का बजट दिया, किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस

Next Post
कैबिनेट ने PM किसान संपदा योजना को 6,520 करोड़ रुपये का बजट दिया, किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस

कैबिनेट ने PM किसान संपदा योजना को 6,520 करोड़ रुपये का बजट दिया, किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस

Fasalkranti

Fasal Kranti is a premier monthly agricultural magazine which publish in Hindi, Punjabi, Marathi and Gujarati languages, dedicated to Indian farmers. Fasal Kranti aims to be a premier monthly agricultural magazine in Hindi dedicated to Indian farmers of the 21st century. 

Category

  • कृषि समाचार
  • साक्षात्कार
  • सफ़लता की कहानी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल

Newsletter

Subscribe to our Newsletter. You choose the topics of your interest and we’ll send you handpicked news and latest updates based on your choice.

Contact us

  • E-Mail: info@fasalkranti.in
  • Phone: +91 9625941688
Copyrights © 2026. Fasal Kranti, Inc. All Rights Reserved. Maintained By Fasalkranti Team.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • कृषि समाचार
  • समाचार
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • सफ़लता की कहानी
  • साक्षात्कार
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल
  • अन्य

© 2026 Fasalkranti - News and Magazine by Fasalkranti news.