केंद्र सरकार ने किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए दो बड़े फैसले लेकर राहत भरी खबर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NCDC) की कैपिटल बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये करने और प्रधानमंत्री कृषि संपदा योजना (PMKSY) के बजट को बढ़ाकर 6,520 करोड़ रुपये करने की मंजूरी दी गई है।
इन फैसलों से न सिर्फ 3 करोड़ से ज्यादा सहकारी सदस्यों को फायदा होगा, बल्कि देश के फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को भी नई रफ्तार मिलेगी। आइए जानते हैं इन फैसलों का असर क्या होगा…
1. NCDC को 2,000 करोड़ रुपये की कैपिटल बढ़ी, 20,000 करोड़ का उधार जुटा सकेगा
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि सरकार ने NCDC को अगले चार सालों में सालाना 500 करोड़ रुपये की पूंजी सहायता देने का निर्णय लिया है। यह निवेश देश की 8.25 लाख सहकारी समितियों और उनके 29 करोड़ सदस्यों को मजबूती देगा।
सरकार से मिली पूंजी की बदौलत NCDC अब 20,000 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त फंडिंग का इंतजाम कर सकेगा, जिससे खेती, मत्स्य, डेयरी, खाद वितरण, खाद्यान्न खरीद आदि क्षेत्रों में ऋण देने की क्षमता कई गुना बढ़ेगी।
2. पीएम कृषि संपदा योजना को मिला 6,520 करोड़ का बूस्ट
2017 में शुरू हुई प्रधानमंत्री कृषि संपदा योजना (PMKSY) का दायरा बढ़ाते हुए कैबिनेट ने इसके खर्च को 6,520 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया है। इस योजना का उद्देश्य एग्रो प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन, कोल्ड चेन और फूड टेस्टिंग लैब्स के लिए बुनियादी ढांचे को विकसित करना है।
इर्रेडिएशन तकनीक से फसलों की शेल्फ लाइफ बढ़ेगी, नुकसान घटेगा और निर्यात क्षमता भी बेहतर होगी। नई लैब्स से घरेलू व अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित किया जा सकेगा।
फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में 11 साल में हुआ जबरदस्त विकास अश्विनी वैष्णव के अनुसार:
इन फैसलों से क्या होगा फायदा?
NCDC की फंडिंग बढ़ाकर सरकार ने सहकारिता आधारित विकास को मजबूती दी है, जबकि कृषि संपदा योजना का विस्तार करके एग्री इकोनॉमी को टेक्नोलॉजी और प्रोसेसिंग से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इन कदमों से किसानों की आय बढ़ेगी और भारत का फूड प्रोसेसिंग सेक्टर वैश्विक प्रतिस्पर्धा में और भी मजबूत होकर उभरेगा।
इन फैसलों से न सिर्फ 3 करोड़ से ज्यादा सहकारी सदस्यों को फायदा होगा, बल्कि देश के फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को भी नई रफ्तार मिलेगी। आइए जानते हैं इन फैसलों का असर क्या होगा…
1. NCDC को 2,000 करोड़ रुपये की कैपिटल बढ़ी, 20,000 करोड़ का उधार जुटा सकेगा
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि सरकार ने NCDC को अगले चार सालों में सालाना 500 करोड़ रुपये की पूंजी सहायता देने का निर्णय लिया है। यह निवेश देश की 8.25 लाख सहकारी समितियों और उनके 29 करोड़ सदस्यों को मजबूती देगा।
- 94% किसान किसी न किसी सहकारी समिति से जुड़े हैं
- इस फैसले से 13,000 सहकारी समितियों के 3 करोड़ सदस्य सीधे लाभांवित
- NCDC की लोन रिकवरी दर 99.98%, यानि कोई NPA नहीं
सरकार से मिली पूंजी की बदौलत NCDC अब 20,000 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त फंडिंग का इंतजाम कर सकेगा, जिससे खेती, मत्स्य, डेयरी, खाद वितरण, खाद्यान्न खरीद आदि क्षेत्रों में ऋण देने की क्षमता कई गुना बढ़ेगी।
2. पीएम कृषि संपदा योजना को मिला 6,520 करोड़ का बूस्ट
2017 में शुरू हुई प्रधानमंत्री कृषि संपदा योजना (PMKSY) का दायरा बढ़ाते हुए कैबिनेट ने इसके खर्च को 6,520 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया है। इस योजना का उद्देश्य एग्रो प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन, कोल्ड चेन और फूड टेस्टिंग लैब्स के लिए बुनियादी ढांचे को विकसित करना है।
- 50 नई इर्रेडिएशन यूनिट्स और 100 फूड टेस्टिंग लैब्स के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान
- SC/ST बहुल क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस
- फूड प्रोसेसिंग से जुड़ी तकनीकों की रिसर्च और कमर्शियल ट्रांसफर को बढ़ावा
इर्रेडिएशन तकनीक से फसलों की शेल्फ लाइफ बढ़ेगी, नुकसान घटेगा और निर्यात क्षमता भी बेहतर होगी। नई लैब्स से घरेलू व अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित किया जा सकेगा।
फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में 11 साल में हुआ जबरदस्त विकास अश्विनी वैष्णव के अनुसार:
- प्रोसेस्ड फूड का निर्यात 5 अरब डॉलर से बढ़कर 11 अरब डॉलर हुआ
- फूड और बिजनेस ऑपरेटर्स की संख्या 25 लाख से बढ़कर 64 लाख हुई
- 138 लाख मीट्रिक टन की अतिरिक्त प्रोसेसिंग क्षमता बनी
- 289 कोल्ड चेन और वैल्यू-एडेड प्रोजेक्ट्स और 305 फूड प्रिजर्वेशन प्रोजेक्ट्स*पूरे किए
- 20 पेटेंट और 52 नई तकनीकें सामने आईं
इन फैसलों से क्या होगा फायदा?
- किसानों और सहकारी समितियों की आर्थिक सशक्तिकरण
- कृषि उत्पादों की गुणवत्ता और निर्यात में इजाफा
- प्रोसेसिंग व भंडारण से किसानों को बेहतर दाम
- ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और तकनीकी विकास को बढ़ावा
NCDC की फंडिंग बढ़ाकर सरकार ने सहकारिता आधारित विकास को मजबूती दी है, जबकि कृषि संपदा योजना का विस्तार करके एग्री इकोनॉमी को टेक्नोलॉजी और प्रोसेसिंग से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इन कदमों से किसानों की आय बढ़ेगी और भारत का फूड प्रोसेसिंग सेक्टर वैश्विक प्रतिस्पर्धा में और भी मजबूत होकर उभरेगा।

