लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र की स्थिति पर व्यापक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय दोगुनी करने का अभियान लगातार प्रगति पर है और सरकार कृषि के समग्र विकास के लिए बहुआयामी कदम उठा रही है।
कृषि विकास के लिए छह प्रमुख रणनीतियाँ
श्री चौहान ने कृषि के विकास हेतु केंद्र सरकार द्वारा अपनाए गए छह प्रमुख उपायों को रेखांकित किया:
- उत्पादन में वृद्धि
- इनपुट लागत में कमी लाकर किसानों की आय में बढ़ोतरी
- उचित मूल्य सुनिश्चित करना
- फसल क्षति पर मुआवज़ा देना
- फलों, सब्जियों, औषधीय पौधों, वानिकी, मत्स्य पालन और पशुपालन को बढ़ावा देना
- प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग को प्रोत्साहन
पिछले 10 वर्षों में अभूतपूर्व वृद्धि
- फसल उत्पादन: 246.42 मिलियन टन (2014) से बढ़कर 353.96 मिलियन टन (2024-25)
- दलहन उत्पादन: 16.38 से बढ़कर 25.24 मिलियन टन
- तेलवर्गीय फसलों का उत्पादन: 27.51 से बढ़कर 42.61 मिलियन टन
- बागवानी उत्पादन: 280.70 से बढ़कर 367.72 मिलियन टन
- दुग्ध उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि
किसानों की आमदनी और सरकारी निवेश में बढ़ोतरी
- यूपीए सरकार के ₹27,000 करोड़ कृषि बजट की तुलना में वर्तमान सरकार का कृषि बजट ₹1.27 लाख करोड़
- पीएम-किसान योजना से अब तक 10 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित
- उर्वरक सब्सिडी के लिए सालाना लगभग ₹2 लाख करोड़ खर्च
- संस्थागत ऋण ₹7 लाख करोड़ (यूपीए) से बढ़कर ₹25 लाख करोड़
- फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत किसानों को ₹1.83 लाख करोड़ का मुआवज़ा प्रदान किया गया
12% ब्याज मिलेगा देरी पर
श्री चौहान ने ऐलान किया कि यदि कोई बीमा कंपनी निर्धारित समय (21 दिन) के भीतर दावा राशि नहीं देती है, तो 12% ब्याज सहित राशि सीधे किसानों के खाते में जमा की जाएगी। यही नियम राज्य सरकार द्वारा प्रीमियम हिस्से में देरी पर भी लागू होगा।
MSP में दो गुना वृद्धि और रिकॉर्ड खरीद
- न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में भारी वृद्धि — कई फसलों का MSP दो गुना या उससे अधिक:
- पैडी: ₹1,310 → ₹2,369
- बाजरा: ₹1,250 → ₹2,775
- मूंग: ₹4,500 → ₹8,768
- सोयाबीन: ₹2,560 → ₹5,328
- तिल: ₹4,500 → ₹9,846
- कपास: ₹3,700 → ₹7,710
- पिछली सरकार में 10 वर्षों में सिर्फ 6 लाख मीट्रिक टन दलहन की खरीद हुई, जबकि वर्तमान सरकार ने अब तक 1.82 करोड़ मीट्रिक टन दलहन खरीदा है।
प्रौद्योगिकी से पारदर्शिता और समय पर मुआवज़ा
- YESTECH तकनीक के माध्यम से अब उपग्रह आधारित फसल आकलन किया जा रहा है, जिससे बीमा दावा पारदर्शी और त्वरित होगा।
- PM-AASHA योजना के तहत अरहर, मसूर, उड़द जैसी फसलों की 100% MSP पर खरीद की जा रही है।
- बिचौलियों को हटाकर किसान सीधे सरकारी व्यवस्था से लाभान्वित हो रहे हैं।
छोटे किसानों और बटाईदारों को भी मिला अधिकार
केंद्र सरकार ने बटाईदार और किरायेदार किसानों को भी PMFBY का लाभ देने के लिए प्रावधान किया है। अब तक 6.55 लाख बटाईदार किसान और कुल 41.62 लाख से अधिक किसान इस योजना के अंतर्गत कवर किए जा चुके हैं।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के सच्चे हितैषी हैं और केंद्र सरकार की सभी योजनाएं किसान-केन्द्रित हैं। MSP हो या बीमा योजना, उर्वरक सब्सिडी हो या आधुनिक तकनीक — इन सभी पहलों का उद्देश्य है किसानों की आय को दोगुना करना और उन्हें सशक्त बनाना।

