नेपाल के सांसदों के 16-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित कृषि भवन का दौरा किया। नेपाली कांग्रेस के पूर्व मंत्री एवं सांसद संजय कुमार गौतम के नेतृत्व में आए इस प्रतिनिधिमंडल ने भारत के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (DA&FW) के सचिव श्री देवेश चतुर्वेदी और कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) के सचिव डॉ. मंगी लाल जाट से विस्तृत बातचीत की।
प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा नेपाल के सांसदों के लिए भारत की कृषि क्षेत्र में प्रगति को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर रहा। इस दौरान मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, उर्वरक उपयोग, सटीक खेती (प्रिसीजन फार्मिंग), सिंचाई, कृषि विपणन, फसल बीमा, जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन और किसानों के कल्याण संबंधी पहलों जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री देवेश चतुर्वेदी ने कहा कि भारत खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ पोषण सुरक्षा पर भी बराबर ध्यान दे रहा है। उन्होंने किसान उत्पादक संगठन (FPO), कृषि का डिजिटलीकरण, प्रिसीजन एग्रीकल्चर और जोखिम न्यूनीकरण की पहलों का उल्लेख करते हुए बताया कि इन उपायों से किसानों की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने भारत और नेपाल के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनयिक संबंधों की चर्चा करते हुए कृषि क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. मंगी लाल जाट ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि भारत कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नेपाल को हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार है। उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के संस्थानों और कृषि विश्वविद्यालयों के विशाल नेटवर्क के माध्यम से तकनीकी सहयोग के लिए भारत की तत्परता जताई।
डॉ. जाट ने नीति स्तर, प्रौद्योगिकी स्तर और किसानों तथा उद्योगों के बीच साझेदारी को सुदृढ़ कर भारत-नेपाल सहयोग को बहुआयामी रूप देने की आवश्यकता पर बल दिया।इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

