जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। पुंछ जिले में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास घुसपैठ की कोशिश कर रहे दो आतंकियों को सेना ने मार गिराया है। यह कार्रवाई मंगलवार देर रात देगवार सेक्टर के मालदीवलन इलाके में की गई, जहां जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखकर तत्काल जवाबी कार्रवाई की और ‘ऑपरेशन शिवशक्ति’ को अंजाम दिया।
सेना ने आतंकियों के पास से तीन हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया है। इससे पहले 28 जुलाई को श्रीनगर के दाचीगाम नेशनल पार्क के पास सुरक्षाबलों ने एक और मुठभेड़ में तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों को ढेर किया था। इस ऑपरेशन को ‘महादेव’ नाम दिया गया था।
इस मुठभेड़ में मारा गया मुख्य आतंकी सुलेमान, अप्रैल में हुए भीषण पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड था। बाकी दो आतंकियों की पहचान जिबरान और हमजा अफगानी के रूप में हुई है। जिबरान, 2024 में सोनमर्ग सुरंग प्रोजेक्ट पर हुए आतंकी हमले में शामिल था। आतंकियों के पास से अमेरिकी M4 कार्बाइन, AK-47 और अन्य हथियार बरामद किए गए।
सेना ने कैसे किया आतंकियों का पीछा?
दरअसल, एक हफ्ते पहले खुफिया एजेंसियों को श्रीनगर के दाचीगाम जंगल में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। आतंकियों ने एक चीनी सैटेलाइट कम्युनिकेशन डिवाइस को दोबारा एक्टिवेट किया था, जिसके सिग्नल ट्रेस कर सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी घेराबंदी की। इसके बाद 24 राष्ट्रीय राइफल्स और 4 पैरा यूनिट की टीम ने अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से आतंकियों का लोकेशन ट्रैक किया और तीनों को ढेर कर दिया।
पहलगाम हमला: 22 अप्रैल को दहला था कश्मीर
22 अप्रैल को पहलगाम के पास बायसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी और 16 गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस हमले में आतंकियों ने धार्मिक पहचान के आधार पर पर्यटकों को निशाना बनाया था।
तीन मुख्य आरोपियों के नाम आए सामने
जांच में जिन तीन आतंकियों के नाम सामने आए हैं उनमें शामिल हैं:
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आदिल हुसैन ठोकर (अनंतनाग निवासी)
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सुलेमान (पाकिस्तानी आतंकी)
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अली उर्फ तल्हा भाई (पाकिस्तानी आतंकी, मूसा नामक पूर्व कमांडो के साथ)
मूसा, पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) का पूर्व कमांडो बताया गया है। सुरक्षाबलों ने मूसा और अली पर 20-20 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है।
जांच जारी, आतंकी नेटवर्क पर शिकंजा कसने की तैयारी
फिलहाल NIA की जांच में यह स्पष्ट नहीं है कि हाल में गिरफ्तार दो आतंकियों ने इन्हीं का नाम लिया है या किसी और का। लेकिन लगातार हो रही सफल कार्रवाई से स्पष्ट है कि सुरक्षाबल आतंकी नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं।

