केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को संसद में किसानों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। अब किरायेदार यानी टेनेंट किसानों को भी सरकारी योजनाओं के दायरे में लाया जा रहा है।
शिवराज सिंह चौहान ने अपने बयान में कहा कि बीते वर्षों में कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। कृषि बजट को 27 हजार करोड़ से बढ़ाकर 1.27 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 10 करोड़ से ज्यादा किसानों को लाभ मिला है।
रिकॉर्ड एमएसपी और खरीदी का दावा
कृषि मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने किसानों को उत्पादन लागत पर 50% मुनाफा जोड़कर MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) तय किया है। उन्होंने दावा किया कि MSP पर अब तक की सबसे ज्यादा फसल खरीदी की गई है। दलहन और तिलहन की फसलों के लिए PM-आशा योजना भी लागू की गई है।
किरायेदार किसानों को भी मिलेगा लाभ
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब केंद्र सरकार का प्रयास है कि किराए पर खेती करने वाले किसानों को भी सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाए। उन्होंने बताया कि पहले की फसल बीमा योजना किसानों के हित में नहीं थी, लेकिन अब उसमें कई सुधार किए गए हैं।
फसल बीमा में देरी पर मिलेगा ब्याज
उन्होंने यह भी कहा कि यदि बीमा कंपनियां फसल नुकसान के दावे (क्लेम) का भुगतान तय समय यानी 21 दिनों के भीतर नहीं करती हैं, तो उन्हें 12% ब्याज सहित भुगतान करना होगा। इसके अलावा, फसल नुकसान का डिजिटल आंकलन किया जाएगा जिससे नुकसान की सटीक भरपाई सुनिश्चित हो सके।
केंद्र का हिस्सा देना होगा तय
अक्सर राज्य सरकारें बीमा प्रीमियम में अपना हिस्सा नहीं देती हैं, जिससे किसानों को दिक्कत होती है। इस पर कृषि मंत्री ने कहा कि अब चाहे राज्य सरकारें अपना हिस्सा दें या नहीं, केंद्र सरकार अपना हिस्सा अनिवार्य रूप से देगी, ताकि किसानों को नुकसान न हो।
किसानों को और क्या-क्या मिला:
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PM-KISAN योजना: 10 करोड़ किसानों को सीधे लाभ।
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फसल बीमा योजना (PMFBY): अब तक 1.83 लाख करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में।
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उर्वरक सब्सिडी: लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की राहत।
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किसान क्रेडिट कार्ड: किसानों को सस्ते ब्याज पर ऋण की सुविधा।

