पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) के माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा लुधियाना जिले के गांव खंजनवाल में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम “मशरूम उत्पादन, बायोफर्टिलाइज़र और खाद्य/जल/दूध मूल्यांकन सुविधाओं को सुदृढ़ करने” की योजना के तहत आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य किसानों को जैव उर्वरकों के उपयोग के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. जुपिंदर कौर ने किसानों को बायोफर्टिलाइज़र के उपयोग, उनके प्रकार और कृषि में इसके लाभों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को धान की फसल के लिए उपयुक्त बायोफर्टिलाइज़र वितरित भी किए ताकि वे इस खरीफ सीजन में अपने खेतों में इनका प्रभावी उपयोग कर सकें।
प्रशिक्षण में कुल 25 किसानों ने भाग लिया, जिन्होंने बायोफर्टिलाइज़र के प्रति गहरी रुचि दिखाई और भविष्य में इसकी अनुशंसित फसलों पर उपयोग के लिए तत्परता व्यक्त की।विभागाध्यक्ष डॉ. उर्मिला गुप्ता, डीन बेसिक साइंसेज डॉ. किरण बैंस तथा अनुसंधान निदेशक डॉ. अजर सिंह धत्त ने विभाग की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा करते हुए इसे किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों की ओर ले जाने वाला कदम बताया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम PAU की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसमें वह राज्य के किसानों को पर्यावरण-अनुकूल और कम लागत वाली कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

