पशुपालकों के लिए राहत भरी खबर है! अब पशुओं के लिए हरे चारे की चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ‘J-1006’ मक्का की खास किस्म इस समस्या का स्थायी समाधान बनकर सामने आई है। इस किस्म की मक्का न सिर्फ पशुओं के लिए पौष्टिक चारा देती है बल्कि इससे दूध उत्पादन में भी बढ़ोत्तरी होती है। खास बात यह है कि किसान इस फसल से खुद के लिए चारा जुटाने के साथ-साथ इसे बेचकर अच्छी कमाई भी कर सकते हैं।
कहां से खरीदें बीज?
राष्ट्रीय बीज निगम (NSC) ने किसानों के लिए ‘J-1006’ किस्म के मक्के के बीज की ऑनलाइन बिक्री शुरू कर दी है। यह बीज अब ONDC (Open Network for Digital Commerce) के ऑनलाइन स्टोर से घर बैठे मंगाया जा सकता है। साथ ही अन्य पौधों और फसलों के बीज भी यहां उपलब्ध हैं।
क्या है ‘J-1006’ मक्का की खासियत?
‘J-1006’ एक उच्च गुणवत्ता वाली मक्का की किस्म है, जिसे खासतौर से हरे चारे और आटे के लिए तैयार किया गया है। यह गाय-भैंस, बकरी और भेड़ जैसे पशुओं के लिए अत्यंत पौष्टिक चारा साबित होती है। इसमें प्रोटीन की मात्रा भरपूर होती है, जो पशुओं की सेहत के साथ दूध की गुणवत्ता भी बेहतर बनाता है।
यह किस्म बीमारियों जैसे पत्ती झुलसा और भूरी धारीदार डीएम रोग से सुरक्षित रहती है। इसकी उपज भी जबरदस्त होती है—एक हेक्टेयर में 400 से 500 क्विंटल तक हरे चारे की प्राप्ति संभव है।
क्या है कीमत?
राष्ट्रीय बीज निगम की वेबसाइट पर इस बीज का 5 किलो का बैग इस समय 33% छूट के साथ सिर्फ ₹280 में मिल रहा है। यह किसानों के लिए एक शानदार मौका है कि वे कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाला बीज प्राप्त करें।
कैसे करें इसकी खेती?
‘J-1006’ किस्म की मक्का फसल बुवाई के 70-75 दिनों के भीतर तैयार हो जाती है। इसे उस अवस्था में काटा जाता है जब मक्का का भुट्टा दुधिया या रेशमी होता है, जिससे यह पशुओं के लिए नरम और पौष्टिक चारा बनता है।
खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 20-22 किलो बीज की आवश्यकता होती है। पंक्तियों के बीच 60 सेमी और पौधों के बीच 20-25 सेमी की दूरी रखकर बुवाई करनी चाहिए ताकि बेहतर वृद्धि हो।
यदि आप पशुपालन करते हैं और चारे की समस्या से जूझ रहे हैं, तो ‘J-1006’ मक्का की खेती एक शानदार विकल्प है। यह न सिर्फ आपके पशुओं को संतुलित आहार देगा बल्कि कमाई का भी नया जरिया बनेगा। तो देर किस बात की? आज ही बीज ऑर्डर करें और चारे की चिंता हमेशा के लिए खत्म करें।

