कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम के पहलगाम आतंकी हमले को लेकर दिए गए बयान ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। बीजेपी ने उनके बयान को देश की सुरक्षा एजेंसियों का अपमान बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने चिदंबरम पर पाकिस्तान का बचाव करने और सेना पर शक जताने का आरोप लगाया है।
शोभा करंदलाजे ने पलटवार करते हुए कहा, “चिदंबरम बार-बार पाकिस्तान के प्रति नरम रुख क्यों दिखाते हैं? क्या उन्हें हमारी बहादुर सेना पर विश्वास नहीं है? क्या कांग्रेस की राजनीति अब राष्ट्रीय सुरक्षा से भी ऊपर हो गई है?” उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर कांग्रेस बार-बार सुरक्षा बलों के परिश्रम को कम करके क्यों आंकती है।
बीजेपी ने चिदंबरम पर यह भी आरोप लगाया कि वह आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर भी सरकार की आलोचना के नाम पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। करंदलाजे ने कहा, “कांग्रेस के डीएनए में शायद यह बैठ गया है कि भारत पर हमेशा शक करो और पाकिस्तान को बख्श दो।”
दरअसल, एक मीडिया इंटरव्यू में चिदंबरम ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर कहा था कि सरकार ने हमले के बाद सही जानकारी नहीं दी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या हमलावर वाकई पाकिस्तान से आए थे या वे देश के भीतर के ‘होमग्रोन’ आतंकी थे। चिदंबरम ने यह भी कहा कि सरकार इस पूरे ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी को छिपा रही है।
उन्होंने पूछा, “हमलावर कहां हैं? उनकी पहचान क्यों नहीं हो पाई? क्या सरकार ने पहलगाम जैसे हमले को दोहराने से रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाए?” चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और संसद में सीधी बहस की मांग की।
इस बीच संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर सोमवार से लोकसभा में और मंगलवार से राज्यसभा में 16-16 घंटे की चर्चा तय की गई है। लेकिन जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने जोरदार हंगामा करते हुए प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की।
अब देखना होगा कि आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच ये सियासी खींचतान किस दिशा में जाती है और क्या इस बहस से देश को कोई स्पष्ट जवाब मिल पाएगा या नहीं।

