पंचायती राज मंत्रालय, मध्यप्रदेश सरकार और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक के बीच भोपाल में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत IGNTU में PESA पर एक उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) की स्थापना की जाएगी, जिसका उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में प्रभावी स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाना है।
यह केंद्र अनुसंधान, क्षमता निर्माण, सहभागी योजना निर्माण, और नीतिगत सहयोग के लिए एक समर्पित मंच के रूप में कार्य करेगा, जिससे PESA कानून, 1996 को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके और आदिवासी समुदायों को उनकी परंपरागत शासन व्यवस्थाओं में अधिक अधिकार और भागीदारी मिल सके।
कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि:
इस अवसर पर श्री विवेक भारद्वाज, सचिव, पंचायती राज मंत्रालय; श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, मध्यप्रदेश सरकार; श्रीमती मुक्ता शेखर, संयुक्त सचिव, पंचायती राज मंत्रालय; तथा प्रो. ब्योमकेश त्रिपाठी, कुलपति (प्रभारी), IGNTU, सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
“PESA in Action” दस्तावेज़ का विमोचन:
कार्यक्रम में “PESA in Action: Stories of Strength and Self-Governance” नामक एक विशेष संकलन का विमोचन किया गया। यह दस्तावेज़ देश के विभिन्न PESA लागू राज्यों में अपनाई गई सर्वोत्तम प्रथाओं, कानूनी प्रावधानों, और जमीनी नवाचारों को दर्शाता है।
समझौते के उद्देश्य:
- अनुसूचित क्षेत्रों में PESA के प्रभावी क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों का समाधान
- संस्थागत ढांचे और समुदाय की क्षमताओं को सशक्त बनाना
- स्थानीय सतत विकास लक्ष्यों (LSDGs) के साथ समन्वय
- आदिवासी समुदायों के लिए नीति निर्माण, प्रशिक्षण और जागरूकता का सशक्त मंच प्रदान करना
उत्कृष्टता केंद्र के प्रमुख कार्य:
- PESA के प्रति जागरूकता और समझ को बढ़ावा देना
- ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) में आदिवासी भागीदारी सुनिश्चित करना
- आदिवासी प्रतिनिधियों में नेतृत्व विकास
- परंपरागत कानूनों, सांस्कृतिक विरासत और औषधीय परंपराओं का दस्तावेजीकरण
- प्रशिक्षण सामग्री (IEC), शोध और नीति सुझाव तैयार करना
- राज्य/जिला स्तरीय PESA संसाधन केंद्रों को सहयोग प्रदान करना
अपेक्षित परिणाम:
- अनुसूचित क्षेत्रों में PESA कानून का प्रभावी कार्यान्वयन
- अधिकारियों व निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए नियमित प्रशिक्षण
- जनजातीय क्षेत्रों में जागरूकता अभियान
- परंपरागत ज्ञान और प्रथाओं का संरक्षण
- आदिवासी स्वशासन को दीर्घकालिक संस्थागत सहयोग
कार्यक्रम के दौरान आयोजित पैनल चर्चा “PESA को सशक्त बनाने हेतु क्षमता निर्माण, अनुसंधान और संस्थागत सहयोग” विषय पर केंद्रित रही, जिसमें विशेषज्ञों ने संस्थागत सहयोग को जमीनी बदलाव की कुंजी बताया।
IGNTU में स्थापित यह उत्कृष्टता केंद्र ना सिर्फ अनुसूचित क्षेत्रों में शासन प्रणाली को सुदृढ़ करेगा, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के दृष्टिकोण को भी मूर्त रूप देगा। यह केंद्र आदिवासी ज्ञान परंपरा, संस्कृति और समुदाय-आधारित विकास को राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

