भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा गुजरात सरकार के श्रम, कौशल विकास और रोजगार विभाग के सहयोग से आज गांधीनगर स्थित IIT परिसर के NAMTECH कैम्पस में “राष्ट्रीय योजना के अंतर्गत आईटीआई उन्नयन” विषय पर एक राज्य स्तरीय कार्यशाला-सह-परामर्श सत्र का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला का उद्देश्य औद्योगिक भागीदारों और प्रशिक्षण संस्थानों के साथ सुनियोजित विचार-विमर्श के माध्यम से राष्ट्रीय आईटीआई उन्नयन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक सुझाव और सहयोग जुटाना था।
कार्यशाला में बोलते हुए कौशल विकास मंत्रालय के सचिव श्री राजित पुण्यानी ने कहा, “आईटीआई उन्नयन केवल ढांचागत विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं की आकांक्षाओं को आधुनिक और वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने का प्रयास है। केंद्र, राज्य और उद्योग की साझेदारी से हम एक ऐसा कौशल तंत्र बना रहे हैं जो पूरी तरह उद्योग-उन्मुख, गुणवत्तायुक्त और भविष्य के लिए तैयार हो।”
गुजरात बना देश का अग्रणी राज्य
कार्यशाला में गुजरात को इस योजना के पायलट राज्य के रूप में प्रस्तुत किया गया। मंत्रालय की अपर सचिव सुश्री सोनल मिश्रा ने बताया कि इस योजना के तहत पूरे देश के 1,000 ITIs को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा, जिसमें ₹60,000 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। उन्होंने कहा, “हम एक परिणामोन्मुखी एसओपी तैयार कर रहे हैं। गुजरात में इसका पायलट रोलआउट शुरू किया जाएगा।”
राज्य के प्रधान सचिव (श्रम, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग) डॉ. विनोद राव ने कहा कि गुजरात का लक्ष्य वर्ष 2030 तक $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनना है, जिसके लिए अगले पांच वर्षों में एक करोड़ अतिरिक्त लोगों को कार्यबल में जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी को 42% से बढ़ाकर 75% करने का संकल्प ले चुका है। इसके लिए ₹50,000 करोड़ का निजी निवेश आकर्षित किया जाएगा।
योजना की प्रमुख विशेषताएं:
- ₹60,000 करोड़ का कुल निवेश, जिसमें ₹30,000 करोड़ केंद्र सरकार, ₹20,000 करोड़ राज्य सरकारें और ₹10,000 करोड़ उद्योग जगत (CSR सहित) से आएंगे।
- 200 हब ITIs में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, नवाचार केंद्र और प्रशिक्षक प्रशिक्षण सुविधाएं।
- 800 स्पोक ITIs में गुणवत्तायुक्त प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।
- 5 राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (NSTIs) को वैश्विक भागीदारों के साथ राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCoEs) में परिवर्तित किया जाएगा।
उद्योग जगत की भागीदारी
कार्यशाला में 36 अग्रणी कंपनियों ने हिस्सा लिया, जिनमें NAMTECH, अदानी स्किल्स, रिलायंस, JSW, टाटा मोटर्स, लार्सन एंड टुब्रो, एशियन पेंट्स, माईक्रॉन, ग्रेसिम, PIDILITE, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, मोटोरोला, और वेलस्पन प्रमुख हैं।
इसके अलावा FICCI, CII, GIDC, ज्वेलरी एक्सपोर्ट काउंसिल, और कौशल्या–द स्किल यूनिवर्सिटी जैसे उद्योग संगठनों और संघों ने भी सक्रिय भागीदारी की।
कार्यशाला में ITI के प्राचार्य, प्रशिक्षक, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशिक्षण विशेषज्ञों ने भी अपने अनुभव और सुझाव साझा किए।
इस महत्त्वपूर्ण आयोजन से यह स्पष्ट हुआ कि भारत सरकार का उद्देश्य केवल ITI परिसरों का नवीनीकरण नहीं, बल्कि देश की युवा शक्ति को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। गुजरात जैसे अग्रणी राज्य के सहयोग से यह मिशन देशभर में नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करेगा।

