पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना के स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज (एसबीएस) और निधि-टीबीआई (NIDHI-TBI) टीम द्वारा एक विशेष मेंटरशिप सत्र का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना था। यह आयोजित किया गया, जिसमें हल्दी उद्योग में विविधीकरण कर रहे एक प्रगतिशील किसान और उद्यमी को रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
इस सत्र का लाभ श्री अमनिंदर सिंह कालर, गांव रैधरणा, जिला संगरूर से उठाया, जो पहले से ही सब्जियों की नर्सरी और मशरूम उत्पादन जैसे क्षेत्रों में सफल फार्म बिजनेस मॉडल चला रहे हैं। अब वे अपने उद्यम को हल्दी पाउडर के उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन की दिशा में विस्तारित कर रहे हैं।
सत्र के दौरान श्री कालर को व्यवसाय की महत्वपूर्ण जरूरतों जैसे मार्केटिंग रणनीतियाँ, आधुनिक पैकेजिंग तकनीक, लेबलिंग मानकों, नवाचार और नेटवर्किंग के गुर सिखाए गए। इससे उनके उत्पाद को न केवल बाजार में पहचान मिलेगी, बल्कि उपभोक्ता भरोसा और नियामक स्वीकृति भी प्राप्त होगी।
अपने उत्पाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए श्री कालर ने हल्दी पाउडर के सैंपल की पोषण और गुणवत्ता जांच करवाई, जिसे पीएयू के पंजाब हॉर्टिकल्चर पोस्ट-हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी सेंटर (PHPTC) में परीक्षण हेतु जमा किया गया। यह कदम बाज़ार के लिए तैयार उत्पाद सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम प्रयास है।
इस अवसर पर डॉ. पूनम ए. सचदेव, सह-प्रधान अन्वेषक और प्रमुख खाद्य तकनीकी विशेषज्ञ ने श्री कालर की नवाचार भावना की सराहना करते हुए उन्हें तकनीकी सहायता का भरोसा दिलाया। वहीं निधि-टीबीआई के सीईओ श्री गुरिंदर सिंह ने पैकेजिंग और लेबलिंग के उन्नत तरीकों पर प्रकाश डाला।
बिजनेस मैनेजर श्री समीर गौतम ने “बल्क ब्रेकिंग” तकनीक की उपयोगिता बताई – जिसमें बड़े पैमाने पर तैयार उत्पादों को छोटे-छोटे उपभोक्ता अनुकूल पैकेट्स में बदलकर बाजार की विभिन्न श्रेणियों तक पहुंच आसान बनाई जाती है।
यह संयुक्त पहल न केवल पंजाब में कृषि क्षेत्र में नवाचार और मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहित करती है, बल्कि किसानों को नए युग के कृषि उद्यमी बनने की दिशा में प्रेरित भी करती है। एसबीएस और निधि-टीबीआई की यह साझेदारी राज्य में टिकाऊ और मुनाफे वाले एग्री-बिजनेस मॉडल्स की नींव रख रही है, जिससे पंजाब को कृषि नवाचार का केंद्र बनाने में मदद मिल रही है।

