कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने, टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय में सुधार के लिए भारत सरकार आधुनिक तकनीकों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और ड्रोन का व्यापक रूप से उपयोग कर रही है। कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में इन पहलों की विस्तृत जानकारी दी।
एआई और आईओटी से खेती को मिल रही नई दिशा
सरकार ने कृषि की जटिल चुनौतियों से निपटने के लिए कई अभिनव उपाय किए हैं:
- किसान ई-मित्र चैटबॉट
यह एक आवाज़ आधारित AI चैटबॉट है, जिसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े प्रश्नों का उत्तर देने के लिए विकसित किया गया है। यह अब 11 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है और प्रतिदिन 20,000 से अधिक किसानों की मदद करता है। अब तक यह 95 लाख से अधिक प्रश्नों का समाधान कर चुका है। - राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली
एआई और मशीन लर्निंग पर आधारित यह प्रणाली 61 फसलों और 400 से अधिक कीटों की पहचान में सक्षम है। 10,000 से अधिक विस्तार अधिकारी इस तकनीक का उपयोग कर किसानों को समय रहते कीटों से बचाव के उपाय बता रहे हैं, जिससे फसल की रक्षा संभव हो रही है। - उपग्रह आधारित फसल मानचित्रण
खेतों की उपग्रह तस्वीरों के माध्यम से एआई-आधारित विश्लेषण से फसलों की बुवाई की निगरानी की जा रही है, जिससे कृषि मौसम और फसल का सटीक मिलान सुनिश्चित किया जा रहा है।
ड्रोन तकनीक से खेतों में आ रहा बदलाव
सरकार ने कृषि में ड्रोन तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं:
- एसएमएएम योजना के तहत किसान, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), सहकारी समितियों और कृषि स्नातकों को ड्रोन खरीदने के लिए 40% से 100% तक की वित्तीय सहायता दी जा रही है।
- व्यक्तिगत स्वामित्व के अंतर्गत अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला, लघु और सीमांत किसान और पूर्वोत्तर राज्यों के किसानों को ड्रोन की लागत पर 50% (अधिकतम ₹5 लाख) तक सब्सिडी दी जा रही है।
- नमो ड्रोन दीदी योजना
महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को ड्रोन सेवा प्रदाताओं के रूप में प्रशिक्षित और सशक्त बनाने के लिए यह योजना शुरू की गई है। तीन वर्षों (2023–2026) में 15,000 ड्रोन वितरित करने का लक्ष्य है। अब तक 1094 ड्रोन वितरित किए जा चुके हैं, जिनमें से 500 ड्रोन नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत महिला समूहों को दिए गए हैं। सरकार प्रत्येक समूह को ड्रोन पैकेज पर 80% तक सब्सिडी (अधिकतम ₹8 लाख) और एग्री इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड से 3% ब्याज पर ऋण सुविधा भी प्रदान कर रही है।
राज्यवार ड्रोन वितरण
अब तक कुल 2622 ड्रोन विभिन्न राज्यों में वितरित किए जा चुके हैं। सबसे अधिक ड्रोन आंध्र प्रदेश (1571), मध्य प्रदेश (334), और उत्तर प्रदेश (190) में वितरित हुए हैं। पंजाब, हरियाणा, तेलंगाना, कर्नाटक जैसे राज्यों में भी ड्रोन तेजी से अपनाए जा रहे हैं।

