ֆ:सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष, श्री मनोज कुमार ने रविवार को एसकेआईसीसी, श्रीनगर में जम्मू और कश्मीर डिवीजन के ग्रामीण कारीगरों को खादी ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत 411 मशीनरी और टूलकिट प्रदान किए। इस अवसर पर केवीआईसी सदस्य, (उत्तरी क्षेत्र) श्री नागेंद्र रघुवंशी भी उपस्थिति थे। वितरण कार्यक्रम के दौरान, हनी मिशन योजना के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जम्मू के 30 मधुमक्खी पालकों को 300 मधुमक्खी बक्से वितरित किए गए, कुम्हार सशक्तिकरण योजना के तहत कश्मीर के 100 कुम्हारों को 100 इलेक्ट्रिक चाक दिए गए, 100 शिल्पियों को 10 हाइड्रा पल्पर पेपर माचे मशीनें दी गईं। एबीएफपीआई योजना के तहत 10 कारीगरों को फल और सब्जी मशीनों का 01 सेट दिया गया और पीएमटीसी पंपोर में प्रशिक्षण ले रहे 200 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर, श्री मनोज कुमार ने कहा कि मोदी सरकार की गारंटी से पिछले 10 वर्षों में खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की पहुंच स्थानीय से वैश्विक हो गई है।
§ֆ:श्री कुमार ने कारीगरों के साथ अपने विचार साझा करते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में ‘नए भारत की नई खादी’ ने ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ को एक नई दिशा दी है। परिणामस्वरूप, इस अवधि में खादी उत्पादों की बिक्री चार गुना से अधिक बढ़ गई है। खादी के उत्पादन और बिक्री में वृद्धि से ग्रामीण भारत के कारीगर आर्थिक रूप से समृद्ध हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने के लिए, खादी और ग्रामोद्योग आयोग भारत के गांवों और सीमावर्ती क्षेत्रों में जा रहा है और मधुमक्खी पालन, मिट्टी के बर्तन, चमड़े का काम और अगरबत्ती बनाने जैसी विभिन्न ग्रामोद्योग गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। यह उद्योग वेस्ट वुड और टर्नवुड क्राफ्ट जैसे कई ग्रामीण कुटीर उद्योगों में बेहद गरीब श्रमिकों को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। प्रशिक्षित श्रमिकों को संबंधित उद्योग से संबंधित मशीनरी और टूलकिट वितरित किए जाते हैं।
§ֆ: इसी तरह, 2018-19 से 2022-23 तक, जम्मू और कश्मीर ने 895 मधुमक्खी पालकों को लगभग 8950 मधुमक्खी बक्से और मधुमक्खी-कॉलोनी वितरित की हैं, 600 कुम्हारों को इलेक्ट्रिक चाक के साथ-साथ अगरबत्ती उत्पादन में शामिल 40 श्रमिकों को संबंधित मशीनरी और टूलकिट वितरित किए गए हैं। वितरण कार्यक्रम में खादी संस्थानों के प्रतिनिधि, खादी श्रमिक और कारीगर, ग्रामोद्योग विकास योजना के लाभार्थी, बैंकों के प्रतिनिधि, केवीआईसी और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
§सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष, श्री मनोज कुमार ने रविवार को एसकेआईसीसी, श्रीनगर में जम्मू और कश्मीर डिवीजन के ग्रामीण कारीगरों को खादी ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत 411 मशीनरी और टूलकिट प्रदान किए। इस अवसर पर केवीआईसी सदस्य, (उत्तरी क्षेत्र) श्री नागेंद्र रघुवंशी भी उपस्थिति थे। वितरण कार्यक्रम के दौरान, हनी मिशन योजना के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जम्मू के 30 मधुमक्खी पालकों को 300 मधुमक्खी बक्से वितरित किए गए, कुम्हार सशक्तिकरण योजना के तहत कश्मीर के 100 कुम्हारों को 100 इलेक्ट्रिक चाक दिए गए, 100 शिल्पियों को 10 हाइड्रा पल्पर पेपर माचे मशीनें दी गईं। एबीएफपीआई योजना के तहत 10 कारीगरों को फल और सब्जी मशीनों का 01 सेट दिया गया और पीएमटीसी पंपोर में प्रशिक्षण ले रहे 200 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर, श्री मनोज कुमार ने कहा कि मोदी सरकार की गारंटी से पिछले 10 वर्षों में खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की पहुंच स्थानीय से वैश्विक हो गई है।

