संसद के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को जबरदस्त हंगामे के साथ हुई, जहां विपक्ष ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा की मांग को लेकर जोरदार विरोध किया। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद भारी हंगामे के चलते दोनों सदनों को दोपहर तक स्थगित कर दिया गया।
संसद का मॉनसून सत्र शुरु
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “अगर सरकार के मंत्रियों को बोलने दिया जा सकता है, तो विपक्ष के नेताओं को क्यों नहीं? मैं लोकसभा में विपक्ष का नेता हूं, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया जाता। ये लोकतंत्र नहीं, एकतरफा संवाद है।”
राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा, “प्रधानमंत्री एक सेकंड में सदन से निकल गए, उन्होंने कोई चर्चा नहीं की।”
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी सरकार के रुख की आलोचना की। उन्होंने कहा, “अगर सरकार वाकई चर्चा के लिए तैयार है तो विपक्ष के नेता को बोलने क्यों नहीं दिया जाता? यह संसद है, यहां सभी की बात सुनी जानी चाहिए।”
बीजेपी का पलटवार
कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए बीजेपी नेता मनोज तिवारी ने कहा कि “विपक्ष की मंशा सत्र को बाधित करने की है। वे नहीं चाहते कि सेना के शौर्य पर चर्चा हो। संसद की कार्यवाही बाधित कर विपक्ष जनता को गुमराह कर रहा है।” उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ने खुद कहा था कि प्रश्नकाल के बाद विपक्ष को बोलने की अनुमति दी जाएगी।

