उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के बरकतपुर में स्थित उत्तम शुगर मिल में शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक श्रमिक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मृतकों की पहचान गांव तीसोत्रा निवासी कपिल, गांव लालपुर के सौपाल और सुपरवाइजर मुनेश्वर के रूप में हुई है। हादसे में घायल एक अन्य श्रमिक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कैसे हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह टैंक की सफाई के लिए कुछ श्रमिकों को टैंक में उतारा गया था। जैसे ही टैंक का ढक्कन हटाया गया, उसमें मौजूद जहरीली गैस के कारण श्रमिक बेहोश होकर नीचे गिर पड़े। उन्हें बचाने की कोशिश में एक और श्रमिक भी चपेट में आ गया।
हंगामा और आरोप
हादसे की खबर फैलते ही मृतकों के परिजन और स्थानीय लोग मिल परिसर में जुट गए और जोरदार हंगामा किया। लोगों ने मिल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया और उचित सुरक्षा उपायों के अभाव में श्रमिकों को जान जोखिम में डालने का आरोप लगाया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
सवालों के घेरे में मिल प्रबंधन
इस हादसे ने एक बार फिर उद्योगों में श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या टैंक की सफाई से पहले गैस की जांच की गई थी? क्या श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण दिए गए थे? ऐसे कई सवाल हैं जिनका जवाब मिल प्रबंधन को देना होगा।
बिजनौर की यह दुखद घटना न सिर्फ तीन परिवारों को गहरा जख्म दे गई है, बल्कि यह भी दिखाती है कि उद्योगों में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर अभी भी गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। अब देखना यह है कि जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं

