अब नर्मदा तट पर सिर्फ श्रद्धा लेकर जाना काफी नहीं, साफ आचरण भी जरूरी होगा। मध्यप्रदेश के धार्मिक नगरी महेश्वर और मंडलेश्वर में अब तंबाकू, गुटखा और सिगरेट पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह फैसला क्षेत्र की धार्मिक पवित्रता और सामाजिक स्वास्थ्य को संरक्षित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
महेश्वर और मंडलेश्वर, नर्मदा किनारे बसे दो प्रमुख धार्मिक स्थल हैं, जिन्हें राज्य सरकार पहले ही पवित्र स्थल घोषित कर चुकी है। यहां हर साल हजारों श्रद्धालु स्नान और दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में इन स्थलों की गरिमा बनाए रखने के लिए अब प्रशासन ने तंबाकू सेवन या बिक्री पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।
इन स्थानों पर रहेगा प्रतिबंध
एसडीएम अनिल जैन ने बताया कि महेश्वर के अहिल्या घाट, समय घाट और आसपास के 100 मीटर क्षेत्र में तंबाकू से जुड़ा कोई भी उत्पाद न तो खरीदा-बेचा जा सकेगा और न ही सेवन किया जा सकेगा। मंडलेश्वर में गुप्तेश्वर महादेव, छप्पन देव मंदिर, राम मंदिर और गंगाझिरा घाट के आसपास भी यही नियम लागू रहेगा।
दुकानों को चेतावनी, उल्लंघन पर जुर्माना
घाटों और मंदिरों के पास मौजूद दुकानों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे कोई भी तंबाकू उत्पाद न रखें। नियमों का उल्लंघन करने पर ₹200 तक जुर्माना लगाया जाएगा।
स्कूलों के पास भी बैन
धार्मिक स्थलों के साथ-साथ स्कूलों के पास भी तंबाकू उत्पादों की बिक्री और सेवन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यदि कोई व्यक्ति स्कूल क्षेत्र में ऐसा करता पाया गया, तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।
जागरूकता के लिए लगाए गए पोस्टर
प्रशासन ने इन स्थलों पर बड़े-बड़े जागरूकता पोस्टर भी चिपकवा दिए हैं ताकि लोग यह न कह सकें कि उन्हें जानकारी नहीं थी। यह अभियान सिर्फ पवित्रता को नहीं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य को भी ध्यान में रखकर चलाया जा रहा है।
देश के अन्य धार्मिक स्थलों के लिए मिसाल
महेश्वर और मंडलेश्वर की यह पहल देश के अन्य धार्मिक स्थलों के लिए एक आदर्श बन सकती है। जहां आस्था है, वहां अब स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी उतनी ही जरूरी है।

