नई दिल्ली। देश की सियासत में एक बड़ा मोड़ आया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन से खुद को अलग कर लिया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। दिल्ली के मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में हुई पार्टी बैठक के बाद यह अहम निर्णय लिया गया।
आप सूत्रों के मुताबिक, पार्टी को लंबे समय से गठबंधन में अनदेखी की शिकायत थी। खासकर दिल्ली और पंजाब में सीट बंटवारे को लेकर असहमति बनी हुई थी। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ बड़े दल गठबंधन में छोटे दलों की आवाज दबा रहे हैं।
पार्टी नेता आतिशी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमने शुरुआत से INDIA गठबंधन को मज़बूत करने की कोशिश की, लेकिन हमें बराबरी का सम्मान नहीं मिला। हमारी प्राथमिकता जनता की सेवा है, न कि किसी एक पार्टी की सत्ता की भूख को पूरा करना।”
कांग्रेस की ओर से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व इस फैसले से हैरान है और स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आम आदमी पार्टी के इस फैसले का असर 2024 लोकसभा चुनाव की समीकरणों पर पड़ सकता है। खासकर दिल्ली और पंजाब में विपक्षी एकता को बड़ा झटका लग सकता है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि AAP अकेले चुनावी मैदान में उतरती है या किसी नए समीकरण की ओर बढ़ती है।

