बड़ौत (बागपत) में राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंध संस्थान मैनेज हैदराबाद एवं राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड की योजना के अंतर्गत जय बजरंग प्रतिष्ठान बड़ौत में चल रहे सात दिवसीय वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण का समापन मुख्य अतिथि सांसद डॉ राजकुमार सांगवान ने किया। सांसद ने संस्थान के कोऑर्डिनेटर जे के श्योराण का धन्यवाद किया, और सभी 25 अभ्यर्थियों को मध्मक्खी व्यवसाय करने के लिए प्रोत्साहित किया।
जिले में आयोजित मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण शिविर का आज सफल समापन हो गया। समापन समारोह के दौरान प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस शिविर का आयोजन कृषि एवं उद्यान विभाग की ओर से किया गया था, जिसमें जिले के दर्जनों युवाओं और किसानों ने हिस्सा लिया।
पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान विशेषज्ञों ने मधुमक्खी पालन की आधुनिक तकनीकों, मधु उत्पादन, मौसमी प्रबंधन, रानी मधुमक्खी की देखभाल तथा मार्केटिंग से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को अतिरिक्त आय के साधन उपलब्ध कराना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था।
कार्यक्रम में मौजूद उद्यान अधिकारी ने बताया कि, “मधुमक्खी पालन न केवल शुद्ध शहद उत्पादन का जरिया है, बल्कि फसलों की परागण क्षमता भी बढ़ाता है, जिससे खेती में भी सुधार आता है।”
समापन समारोह में प्रशिक्षित किसानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण से उन्हें स्वरोजगार की नई दिशा मिली है। कई प्रतिभागियों ने आगामी महीनों में मधुमक्खी पालन व्यवसाय शुरू करने की योजना भी जाहिर की। जिला प्रशासन ने ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भविष्य में और विस्तार देने की बात कही है ताकि अधिक से अधिक लोग इससे लाभान्वित हो सकें।

