केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के दो दिवसीय सम्मेलन का आज यहां उद्घाटन करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के “पंच संकल्प” — नेक्स्ट‑जेन, बहुविषयक, नवाचार, समग्र और भारतीय शिक्षा — हायर एजुकेशन संस्थानों के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत होंगे। इस सम्मेलन में देश भर से 50 से अधिक केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपति शामिल हैं, जिनका उद्देश्य NEP 2020 के क्रियान्वयन की प्रगति का आकलन करना और “विकसित भारत 2047” की दिशा में रणनीति तैयार करना है।
श्री प्रधान ने उद्घाटन सत्र में बताया कि पिछले दशक में उच्च शिक्षा तंत्र में वह लचीले, अंतर-विषयक, समावेशी और नवाचार-उन्मुख बदलाव आए हैं, जिसके परिणामस्वरूप छात्र नामांकन 4.46 करोड़ पर पहुंच गया, महिला नामांकन में 38% की वृद्धि हुई और महिला GER (Gross Enrollment Ratio) पुरुष GER से आगे निकल गई। अनुसूचित जनजातियों का GER 10 प्रतिशत अंक बढ़ा, अनुसूचित जातियों का 8 अंक, जबकि Ph.D. नामांकन दोगुना हो गया। आज 1,200 से अधिक विश्वविद्यालय और 46,000 से अधिक कॉलेज इस नीति की बदौलत कार्यरत हैं।
मुख्यमंत्री कुलपतियों को चुनौती देते हुए श्री प्रधान ने कहा कि 2035 तक उच्च शिक्षा में GER को 50% तक बढ़ाने के लिए पाठ्यक्रम को पुन:निर्धारित करना, डिजिटल प्रणाली बनाना, शिक्षकों को प्रशिक्षित करना और बहुविषयक दृष्टिकोण अपनाना अनिवार्य होगा। उन्होंने “छात्र-प्रथम” पद्धति पर भी जोर दिया: “छात्र हमारी राष्ट्रीय शक्ति हैं, इसलिए हर सुधार उनका केन्द्र करें।”
सम्मेलन के पहले दिन कुलपतियों ने मुख्य रूप से NEP 2020 के पाँच स्तंभों पर चर्चा की:
- सामाजिक न्याय एवं समावेश: गरीब, SC/ST, महिलाओं और अन्य पिछड़े वर्गों तक उच्च शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना।
- गुणवत्ता एवं नवाचार: आयएनआरएफ, केंद्र उत्कृष्टता (CoE) तथा पीएमआरएफ जैसी योजनाओं के माध्यम से अनुसंधान बढ़ावा देना।
- डिजिटल शिक्षा: SWAYAM, SWAYAM Plus, AAPAR जैसे मंचों के माध्यम से ऑनलाइन–ऑफलाइन एकीकरण और क्रेडिट ट्रांसफर।
- भविष्य के कौशल: Four‑Year Undergraduate Programme (FYUP) के अंतर्गत भविष्य के रोजगार की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम संरेखण।
- भारतीय ज्ञान प्रणाली: भारतीय भाषाओं और प्राचीन ज्ञान परंपराओं को मुख्यधारा से जोड़ना, “वन नेशन–वन सब्सक्रिप्शन” तथा “भारतीय भाषा पुस्तक योजना” के माध्यम से।
कुलपति सम्मेलन में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, सिखिम यूनिवर्सिटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, विश्वभारती, काशी हिंदू विश्वविद्यालय समेत देशभर के प्रमुख संस्थान प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
सम्मेलन की 10 थीमैटिक सत्रों में से मुख्य हैं:
- NEP के अंतर्गत FYUP का क्रियान्वयन
- भविष्य का कार्य और रोजगार‑अनुरूप पाठ्यक्रम
- SAMARTH के तहत विश्वविद्यालय प्रशासन
- अध्ययन–अनुसंधान सहयोग व अंतरराष्ट्रीयकरण (Study in India)
- इक्विटी एवं समावेशी माहौल
- Malaviya मिशन टीचर ट्रेनिंग
केवड़िया सम्मेलन अगले मील के पत्थर तय करेगा, ताकि केंद्रीय विश्वविद्यालय अपने-अपने कैंपसों में NEP 2020 के व्यापक अनुपालन के लिए रणनीति पत्र तैयार कर सकें। इस पहल से उच्च शिक्षा में अकादमिक नवाचार, गुणवत्ता एवं जवाबदेही सुनिश्चित होगी और भारत का “विकसित भारत 2047” का विजन साकार होगा।

