केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के सत्य साई ज़िले में किसानों और स्वयं सहायता समूह (SHG) की दीदियों से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने प्राकृतिक खेती की उपयोगिता और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की “लखपति दीदी” योजना के लक्ष्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने अपने संबोधन में कहा,
“मैं जहां भी जाता हूं, खेतों में जरूर जाता हूं क्योंकि खेती को समझने का सबसे अच्छा तरीका है ज़मीन पर जाकर देखना। मैंने आज प्राकृतिक खेती को नज़दीक से देखा। इसमें लागत बहुत कम और मुनाफा बहुत अधिक है। यही खेती का भविष्य है।” उन्होंने किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत में जोतें भले ही छोटी हों, लेकिन नई तकनीकों से खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की सेवा मेरे लिए भगवान की पूजा के समान है।
दीदियों को आत्मनिर्भरता और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहन
केंद्रीय कृषि मंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद करते हुए कहा कि आज की दीदियां अबला नहीं, बल्कि सबल और आत्मनिर्भर हैं।“मैंने यहां आपके द्वारा बनाए गए उत्पादों को देखा और बहुत प्रसन्नता हुई। अब आपको गरीब नहीं रहना है और न ही किसी पर निर्भर रहना है। आप अपने परिश्रम से सम्मानजनक जीवन जी सकती हैं,” उन्होंने कहा।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है कि देश की 3 करोड़ दीदियों को ‘लखपति‘ बनाया जाए। अभी तक 1.5 करोड़ से अधिक दीदियां यह मुकाम हासिल कर चुकी हैं। अब अगला लक्ष्य है, दीदियों को करोड़पति बनाना।
रोजगार और प्रशिक्षण का खाका
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार दीदियों को स्वरोजगार, प्रशिक्षण, बैंक लिंकेज, मार्केटिंग और ब्रांडिंग के जरिए आत्मनिर्भर बनाएगी।
“हम चाहते हैं कि दीदियां छोटे-छोटे उद्योग शुरू करें और खुद को सफल उद्यमी के रूप में स्थापित करें। आने वाले समय में महिलाएं न केवल लखपति, बल्कि करोड़पति बनें — यही हमारा सपना है।” केंद्रीय कृषि मंत्री ने विश्वास जताया कि आंध्र प्रदेश समेत पूरे देश में महिलाएं अब ग्रामीण विकास और आर्थिक प्रगति की नई इबारत लिखेंगी। उन्होंने इस अभियान को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम बताया।

