उत्तराखंड में मानसून ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। जून से अब तक प्रदेश में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 22 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 11 लोग घायल हुए हैं। लगातार हो रही तेज बारिश, भूस्खलन और बिजली गिरने की घटनाओं ने कई जिलों में जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है।
मौसम विभाग ने 10 और 11 जुलाई के लिए देहरादून, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, बागेश्वर समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी के चलते देहरादून जिले में 12वीं तक के सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है।
भारी बारिश से राज्य में तबाही का हाल:
- 133 सड़कें बंद, जिनमें 3 राष्ट्रीय राजमार्ग (NH), 8 राज्य राजमार्ग (SH) और 40 PWD की सड़कें शामिल हैं
- 144 घर पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त
- कई गांव जिला मुख्यालयों से कटे
- राहत और बचाव में SDRF, पुलिस व प्रशासन की टीमें जुटीं
देहरादून में उफनती नदी में बहा युवक
राजधानी देहरादून के रायपुर इलाके में एक दर्दनाक हादसे में 42 वर्षीय अनिल कुमार की रिप्सना नदी में डूबने से मौत हो गई। SDRF ने शव को बरामद कर लिया है। पिछले 24 घंटों में देहरादून, मसूरी, नैनीताल, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ समेत कई क्षेत्रों में 100 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
प्रमुख इलाकों में बारिश के आंकड़े:
- मसूरी: 130.2 मिमी
- देहरादून (हाथीबड़कला): 118 मिमी
- चंपावत (टनकपुर): 136 मिमी
- बागेश्वर (कपकोट): 124 मिमी
- हल्द्वानी: 101 मिमी
- उत्तरकाशी (डुंडा): 88 मिमी
नदियों का बढ़ता जलस्तर और बंद रूट
- गंगा, यमुना और उनकी सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। भूस्खलन के कारण:
- ऋषिकेश-यमुनोत्री NH 29 जून से बंद
- तवाघाट-लिपुलेख NH भी मलबे के कारण अवरुद्ध
- राज्य भर में 179 सड़कें बाधित, मरम्मत कार्य जारी

