देशभर के किसानों को अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी फसलों के और भी बेहतर दाम मिल सकेंगे, क्योंकि केंद्र सरकार के ई-नाम (e-NAM) पोर्टल पर अब 7 नए कृषि उत्पादों को शामिल कर दिया गया है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बड़े फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और कृषि व्यापार को डिजिटली मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
अब जर्दालू आम, शाही लीची, गन्ना, मर्चा चावल, कतरनी चावल, मगही पान और बनारसी पान जैसे पारंपरिक और स्थानीय उत्पाद भी ई-नाम प्लेटफॉर्म पर खरीदे-बेचे जा सकेंगे।
व्यापार का बढ़ेगा दायरा, किसानों को मिलेगा लाभ
कृषि मंत्री चौहान के अनुसार, इस फैसले से किसानों को न केवल पारदर्शी और निष्पक्ष व्यापार का लाभ मिलेगा बल्कि उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य भी सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि इससे डिजिटल ट्रेडिंग की पहुंच और कृषि उत्पादों की कवरेज भी बढ़ेगी।
मापदंडों में हुआ सुधार
इसके साथ ही चार मौजूदा कृषि उत्पादों — सिंघाड़े का आटा, सिंघाड़ा, बेबी कॉर्न और ड्रैगन फ्रूट — के व्यापार योग्य मापदंडों में संशोधन भी किया गया है। ये बदलाव किसानों, व्यापारियों और विशेषज्ञों से मिले फीडबैक के आधार पर किए गए हैं ताकि उत्पादों की गुणवत्ता के आधार पर बेहतर मूल्य निर्धारण किया जा सके।
ई-नाम पोर्टल पर अब 238 उत्पाद
इन 7 नए उत्पादों के साथ अब ई-नाम प्लेटफॉर्म पर कुल कृषि उत्पादों की संख्या बढ़कर 238 हो गई है।
ई-नाम पोर्टल पर सभी स्वीकृत उत्पादों के व्यापार योग्य मापदंड enam.gov.in पर उपलब्ध कराए गए हैं।
किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
इस निर्णय से किसानों को बेहतर बाजार पहुंच, उत्पाद के अनुसार सही दाम और भरोसेमंद गुणवत्ता मूल्यांकन का लाभ मिलेगा। डिजिटल मंडी की पारदर्शिता और कुशलता, छोटे और सीमांत किसानों को बड़े खरीदारों से जोड़कर उनके आर्थिक हालात में बड़ा सुधार कर सकती है।

