प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नामीबिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एन्शिएंट वेल्विचिया मिराबिलिस” से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान ना सिर्फ भारत के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि नामीबिया और भारत के मजबूत होते रिश्तों का भी प्रतीक है।
लेकिन इस सम्मान का नाम एक अनोखे पौधे “वेल्विचिया मिराबिलिस” पर रखा गया है, जिसकी कहानी और विशेषताएं उतनी ही अद्भुत हैं, जितनी यह उपाधि।
क्या है ‘वेल्विचिया मिराबिलिस’?
यह पौधा नामीबिया के रेगिस्तानी इलाकों में पाया जाता है और इसे दीर्घायु, संघर्ष और स्थायित्व का प्रतीक माना जाता है। यही गुण इस सम्मान में निहित हैं।- सिर्फ दो पत्तियों वाला पौधा:
इस पौधे में जीवन भर केवल दो पत्तियां रहती हैं, जो जन्म से मृत्यु तक लगातार बढ़ती रहती हैं। समय के साथ ये पत्तियां फटकर कई हिस्सों में बंट जाती हैं, जिससे भ्रम होता है कि ये कई पत्तियों वाला पौधा है। - हजारों साल तक जीवित:
वैज्ञानिक रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पौधा 1500 से 2000 साल तक जीवित रह सकता है। यह पृथ्वी के सबसे दीर्घायु पौधों में से एक है। यह अपने वातावरण से पानी अवशोषित करके जीवित रहता है और अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी टिके रहने की क्षमता रखता है।सम्मान में छिपा गहरा संदेश

