दिल्ली सरकार ने राजधानी के विकास को ज़मीनी रफ्तार देने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में ‘एकीकृत जिला परियोजना निधि’ और ‘जिला परियोजना निधि’ को मंजूरी दे दी गई है। इन दोनों योजनाओं के तहत कुल 53 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे दिल्ली के सभी 11 जिलों में छोटे मगर जरूरी विकास कार्य बिना किसी बाधा के पूरे किए जा सकेंगे।
इसमें से 20 करोड़ रुपये एकीकृत निधि और 33 करोड़ रुपये जिला परियोजना निधि के रूप में बांटे जाएंगे। हर जिले को औसतन 3 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी, जिससे स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य समय पर पूरे हो सकें।
ये होंगे फंड के इस्तेमाल के मुख्य क्षेत्र- सड़कों, पार्कों और सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत
- स्कूलों और डिस्पेंसरियों का रखरखाव
- सामुदायिक केंद्रों की मरम्मत
- स्ट्रीट लाइट्स और CCTV कैमरों का संचालन व रखरखाव
- बाढ़ नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूती
सख्त निगरानी व्यवस्था:
इस योजना की निगरानी प्रोजेक्ट अप्रूवल कमेटी (PAC) करेगी, जिसकी अध्यक्षता संबंधित जिले के जिलाधिकारी करेंगे। समिति में अतिरिक्त जिलाधिकारी (ADMs), SDM, BDO, लेखा अधिकारी और लाभार्थी विभागों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विकास कार्य स्थानीय प्राथमिकताओं के आधार पर हों और समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।
क्या बोले अधिकारी?
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “यह निधि न केवल विकास कार्यों की गति बढ़ाएगी, बल्कि जनता को उनके इलाके में सुविधाएं शीघ्र और प्रभावी ढंग से मुहैया कराने में भी कारगर साबित होगी।”
दिल्ली सरकार का यह कदम राजधानी के 11 जिलों में बुनियादी ढांचे को मज़बूती देने के साथ ही प्रशासन को स्थानीय जरूरतों के हिसाब से फुर्ती से काम करने का अवसर देगा। यह पहल दिल्ली के समग्र विकास की दिशा में एक मजबूत आधारशिला के रूप में देखी जा रही है

