उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय दोगुनी करने का सतत प्रयास किया जा रहा है। तकनीकी नवाचार से यह लक्ष्य जल्द ही साकार होगा।” उन्होंने बताया कि अब तक 40,000 करोड़ रुपये का एथेनॉल सरकार द्वारा खरीदा जा चुका है। आने वाले समय में गेंहू, चावल, मक्का और पराली से एथेनॉल उत्पादन से किसानों की आय में और बढ़ोतरी होगी।
§۩:Uploads/NewsImages/09-07-2025/2LAb7jrjSZAE1H9IABNQ.jpg|§֍:छात्रों के लिए खुलेंगे नए दरवाज़े §ֆ:केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि आज किसानों तक तकनीक की पहुंच आसान हो रही है और युवाओं में कृषि स्टार्टअप के प्रति रुचि बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “यह नवाचार केंद्र छात्रों के लिए नए अवसरों और संभावनाओं के द्वार खोलेगा। लैब से गांव तक विज्ञान को पहुंचाने का जो संकल्प है, वह इसी तरह के केंद्रों से संभव हो पाएगा।”
उन्होंने गन्ने की 238 प्रजाति के नुकसान पर चिंता जताई और कहा कि वैज्ञानिकों द्वारा नई प्रजातियों पर शोध जारी है। उन्होंने किसानों से एफपीओ बनाने की अपील की जिससे वे अपने उत्पाद की प्रोसेसिंग कर बेहतर दाम प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि यह एक सहयोगात्मक मंच है जहां किसान, वैज्ञानिक, स्टार्टअप और नीति-निर्माता मिलकर टिकाऊ और क्षेत्रीय समाधान विकसित करेंगे। उन्होंने परंपरा और तकनीक के समन्वय पर बल दिया और कहा कि “तकनीक तभी सार्थक होती है जब वह जमीन से जुड़कर उसे सशक्त बनाती है।”
§֍:AI आधारित खेती की ओर बढ़ रहा है भारत §ֆ:उत्तर प्रदेश सरकार के विज्ञान एवं तकनीक मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि अब खेती सिर्फ परंपरा नहीं, तकनीक आधारित विज्ञान बन रही है। उन्होंने कहा, “एग्रीटेक हब की स्थापना का उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है।” उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने की अपील की। SVPUAT के कुलपति प्रो. के.के. सिंह ने बताया कि यह नवाचार केंद्र किसानों और ग्रामीण युवाओं को स्मार्ट फार्म टूल्स, तकनीकी प्रशिक्षण, स्टार्टअप सहयोग और आधुनिक कृषि पद्धतियों से सीधे जोड़ने का कार्य करेगा। ANNAM.AI के परियोजना निदेशक डॉ. पुष्पेंद्र पी. सिंह ने हब की कार्य योजना पर विस्तार से प्रकाश डाला। यह हब भारत के ग्रामीण विकास की एक नई कहानी रचने जा रहा है, जहां तकनीक केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि खेतों तक पहुंचेगी और किसानों की जिंदगी में वास्तविक परिवर्तन लाएगी। यह पहल न केवल भारत की खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाएगी बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर और सशक्त भी बनाएगी।§֍:IIT रोपड़ के सहयोग से होगा नवाचार §ֆ:विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. के.के. सिंह ने कहा कि पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसानों और युवाओं को तकनीकी सशक्तिकरण प्रदान करने के लिए यह नवाचार केंद्र एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि यह केंद्र आधुनिक सेंसर, क्लाउड तकनीक, डेटा विश्लेषण, AI और उद्यमिता आधारित ढांचे पर कार्य करेगा, जिससे क्षेत्र में स्वरोजगार और रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। IIT रोपड़ इस हब के लिए IoT सेंसर्स, ऑटोमेशन सिस्टम और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी साइबर-फिजिकल सिस्टम (CPS) तकनीकों के माध्यम से सहयोग प्रदान करेगा और ₹75 लाख तक का योगदान करेगा। इस सहयोग के तहत किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाएं, FPOs के साथ मिलकर स्किलिंग कार्यक्रम और कृषि स्टार्टअप्स को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा ने कहा कि “विकसित भारत की नींव कृषि क्षेत्र में नवाचार से ही मजबूत होगी। कृषि स्टार्टअप की मांग तेजी से बढ़ रही है और युवा इसमें बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।”
§۩:Uploads/NewsImages/09-07-2025/fwvcLtvdGApz0jOeurDB.jpg|§֍:उत्तर प्रदेश कृषि मंत्री ने की सराहना§ֆ:उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने इस हब को प्रदेश के किसानों के लिए मील का पत्थर बताया और कहा कि यह पहल कृषि को आधुनिक बनाने, जलवायु अनुकूल समाधान विकसित करने और उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेगी।§֍:IIT रोपड़ और SVPUAT के बीच हुआ MOU§ֆ:इस अवसर पर IIT रोपड़ और सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर भी हुए, जो संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी विकास और फील्ड कार्यान्वयन की दिशा में सहयोग को औपचारिक रूप देगा।§֍:
सम्मानित हुए प्रगतिशील किसान
§ֆ:इस अवसर पर कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 10 प्रगतिशील किसानों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शहर विधायक अमित अग्रवाल, नगर महापौर हरिकांत अहलूवालिया, सांसद धर्मेंद्र भारद्वाज, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कुलपति संगीता शुक्ला, भाजपा जिला अध्यक्ष शिवकुमार राणा व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कृषि तकनीक नवाचार केंद्र की स्थापना से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान और छात्र आधुनिक तकनीकों से जुड़ सकेंगे। यह केंद्र शिक्षा, शोध और व्यावसायिक विकास के लिए एक साझा मंच बनकर किसानों की आय में वृद्धि और युवा सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम सिद्ध होगा।§۩:Uploads/NewsImages/09-07-2025/aw4kqNJ5BphTwmY41v6h.jpg|§
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ में मंगलवार को कृषि नवाचार केंद्र (Agri Innovation Hub) का लोकार्पण किया गया। इस विशेष अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी, यूपी सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. के.के. सिंह ने किसानों
कार्यक्रम का शुभारंभ सभी अतिथियों ने गांधी हॉल में दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डीन डॉ. जयवीर यादव ने धन्यवाद ज्ञापन दिया और डॉ. प्रेरणा सिकरवार ने मंच संचालन किया। यह एग्रीटेक हब भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रोपड़ के सहयोग से स्थापित किया गया है, जिसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), और रियल टाइम डेटा एनालिटिक्स जैसी उन्नत तकनीकों को खेती से जोड़ना है ताकि किसान स्मार्ट फार्मिंग के माध्यम से कम लागत में अधिक उत्पादन कर सकें और कृषि को सतत एवं लाभकारी बनाया जा सके।

