अमृता विश्व विद्यापीठम के अमृता स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज़ और कृषि विज्ञान केंद्र (ICAR-KVK), अरियालूर, तमिलनाडु के बीच हाल ही में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता क्षेत्र में कृषि प्रशिक्षण, सतत विकास और ग्रामीण सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है।
इस सहयोग के अंतर्गत किसानों, महिलाओं, ग्रामीण युवाओं और कृषि छात्रों के लिए कौशल आधारित और उत्पादन केंद्रित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को विकसित किया जाएगा। ये कार्यक्रम ऑन-कैंपस (परिसर में) और ऑफ-कैंपस (परिसर से बाहर) दोनों तरह से संचालित होंगे, जिससे प्रतिभागियों को अनुभव आधारित शिक्षा, नवाचार और सामुदायिक सहभागिता का अवसर मिलेगा।
समझौते का एक प्रमुख पहलू ‘पार्टिसिपेटरी रूरल अप्रेसल‘ (PRA) विधियों का उपयोग है, जिसके माध्यम से जमीनी स्तर की समस्याओं की पहचान कर, स्थानीय और टिकाऊ कृषि समाधान तैयार किए जाएंगे। इससे क्षेत्रीय कृषि विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
इस भागीदारी के माध्यम से अमृता विश्वविद्यालय की शैक्षणिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचारों को भी खेतों तक पहुंचाया जाएगा, जिससे किसानों की आजीविका में सुधार और कृषि छात्रों की रोजगार योग्यताओं को बढ़ावा मिलेगा।
समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर अमृता विश्व विद्यापीठम के रजिस्ट्रार अजीत कुमार और CREED-KVK के अध्यक्ष नदनासबापति द्वारा किए गए। इस अवसर पर अमृता स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज़ के डीन डॉ. सुधीश मणलिल भी मौजूद रहे।
यह साझेदारी ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता, नवीन कृषि तकनीकों के प्रसार और युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

