पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना के कौशल विकास केंद्र में “फलों और सब्जियों के संरक्षण” विषय पर आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। इस प्रशिक्षण में 27 ग्रामीण महिलाएं और किसान शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से किया गया।
कौशल विकास की एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. रूपिंदर कौर ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि फलों व सब्जियों में मूल्य संवर्धन से न केवल फसल के बाद होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है, बल्कि इससे स्वादिष्ट घरेलू खाद्य उत्पाद तैयार कर आर्थिक लाभ भी कमाया जा सकता है।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. कुलवीर कौर ने प्रशिक्षण की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। तकनीकी समन्वयक श्री अर्शदीप सिंह तथा विशेषज्ञ डॉ. सुखप्रीत कौर और डॉ. जगबीर रेहलान ने प्रतिभागियों को खाद्य सुरक्षा, पैकेजिंग और लेबलिंग, फलों व सब्जियों के संरक्षण, फसल कटाई के बाद प्रबंधन, रसायनों के विवेकपूर्ण उपयोग, तथा आलू चिप्स, पापड़, बड़ी, सिरका, अचार आदि बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इसके अलावा उन्होंने टमाटर की सॉस, प्यूरी व जूस; आम, हरी मिर्च, नींबू व गलगल का अचार; फलों के स्क्वैश, नेक्टर व रेडी टू सर्व ड्रिंक्स; तथा जैम, जेली और फ्रूट लेदर बनाने की विधियां भी सिखाईं।
डॉ. प्रेरणा कपिला ने प्रतिभागियों को खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (FSSAI) से संबंधित जानकारी दी, जबकि श्रीमती कुलदीप कौर ने अमचूर पाउडर बनाने की विधि सिखाई। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. लवलीश गर्ग, स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज के निदेशक डॉ. रमनीप सिंह और पंजाब एग्री बिजनेस इनक्यूबेटर (PABI) के बिजनेस मैनेजर श्री करणवीर सिंह गिल ने प्रतिभागियों को फल-सब्जियों के संरक्षण को कृषि आधारित व्यवसाय के रूप में अपनाने, घरेलू खाद्य उत्पादों के विपणन, और PABI द्वारा दी जा रही वित्तीय सहायता के बारे में जानकारी दी।
अंत में, श्रीमती कंवलजीत कौर ने सभी प्रतिभागियों और अधिकारियों का धन्यवाद किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं और किसानों को स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित करने और कृषि उत्पादों की मूल्यवर्धन प्रक्रिया को बढ़ावा देने की एक सराहनीय पहल रही।

