जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन (JKRLM) के तत्वावधान में खोनमोह में आयोजित “लखपति दीदी सम्मेलन” में सैकड़ों महिला स्वयं सहायता समूहों की सफलता और आत्मनिर्भरता का उत्सव मनाया गया। इस विशेष अवसर पर केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण विकास एवं जनसंपर्क मंत्री श्री जाविद अहमद डार विशिष्ट अतिथि रहे।
सम्मेलन में जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों से आईं सैकड़ों महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस प्रकार उन्होंने आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया और अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बनीं।
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने महिलाओं को “असली बदलाव की सूत्रधार” बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार हमेशा ग्रामीण महिलाओं के साथ खड़ी है और उनके सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलाई जा रही महिला केंद्रित योजनाओं जैसे “लाड़ली लक्ष्मी योजना” और “लाड़की बहना योजना” का उल्लेख करते हुए कहा कि ये योजनाएं देशभर की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
सम्मेलन में छह उत्कृष्ट महिला उद्यमियों – मनीषा देवी, तजा बेगम, सोनी देवी, परवीन, समीया जान और शुबीना जान को उनके आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री श्री जाविद डार ने केंद्रीय मंत्री के आगमन पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह दौरा जम्मू-कश्मीर की ग्रामीण महिलाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।
सम्मेलन के दौरान महिला लाभार्थियों ने भी सरकार, ग्रामीण विकास विभाग और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का आभार व्यक्त किया और कहा कि इनकी मदद से वे अब आत्मविश्वास से परिपूर्ण, गरिमा पूर्ण जीवन जी रही हैं।यह सम्मेलन जम्मू-कश्मीर में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में और अधिक महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित करेगा।

