दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM), ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मेघालय स्टेट रूरल लाइवलीहुड्स मिशन (SRLM) के सहयोग से शिलांग में 30 जून और 1 जुलाई को दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला “संगठन, स्वास्थ्य, समृद्धि: महिला समूहों की खाद्य, पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता (FNHW) पर सामूहिक पहल” आयोजित की गई। इसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से पोषण और स्वास्थ्य संबंधित पहलों को सुदृढ़ करना, राज्यों के बीच अनुभव साझा करना तथा जमीनी नवाचारों को नीति निर्माण तक पहुंचाना था।
कार्यशाला में भारत सरकार के पूर्व सचिव श्री एन.एन. सिन्हा, ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती स्मृति शरण, मेघालय के सी एंड आरडी निदेशक श्री सिब्ही सी. साधु और SRLM मेघालय के सीईओ श्री रामकृष्ण चित्तूरी सहित 16 राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी, मिशन निदेशक, CEO, COO, FNHW प्रभारी, स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि, सामुदायिक संसाधन व्यक्ति (CRP) और महिला नेताओं ने भाग लिया।
कार्यशाला के प्रमुख बिंदु:
???? पहले दिन, प्रतिभागियों ने ईस्ट खासी हिल्स जिले के लैतक्रोह और भोलागंज ब्लॉक का दौरा किया, जहां उन्होंने SHG द्वारा संचालित ट्रांजिट होम्स, लाखपति दीदी की आजीविका गतिविधियाँ, कृषि-पोषण बाग, सामूहिक प्रयासों और सामुदायिक नवाचारों को देखा।
???? दूसरे दिन, कार्यशाला का उद्घाटन सत्र, CGHAs (Community Gender & Health Activists) के लिए नई यूनिफॉर्म का लोकार्पण, SRLMs के अनुभव साझा करने के सत्र, और राज्यवार FNHW पहलों पर पैनल चर्चा हुई। साथ ही, एक प्रदर्शनी में CRPs और सामुदायिक नेताओं द्वारा पोषण संबंधी उत्पाद, IEC सामग्री और सफल मॉडल प्रस्तुत किए गए।
प्रमुख वक्तव्यों में आए विचार:
- एन.एन. सिन्हा ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में मानव विकास को आधारभूत ढांचे से अधिक प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने SHG की भूमिका को व्यवहार परिवर्तन और सेवा वितरण के अंतिम पायदान तक पहुंचाने में अहम बताया।
- स्मृति शरण ने CGHAs को “बैंगनी चोगा पहने योद्धा” कहकर संबोधित किया और उनके मातृ एवं बाल स्वास्थ्य क्षेत्र में नेतृत्व को सराहा। उन्होंने राज्यों में FNHW पहलों को स्केलअप करने, फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं की भूमिका स्पष्ट करने और समन्वय को मजबूत करने पर बल दिया।
- रामकृष्ण चित्तूरी ने बताया कि मेघालय में SHG-प्रेरित नवाचारों के कारण गंभीर कुपोषण (SAM) के मामलों में 91% तक गिरावट दर्ज की गई है।
- सिब्ही सी. साधु ने कहा कि हालांकि मेघालय मातृसत्तात्मक समाज है, लेकिन निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी अभी भी सीमित है। उन्होंने FNHW जैसे मंचों के माध्यम से महिला नेतृत्व को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
- असम SRLM के निदेशक श्री कुन्तल मोनी सर्मा बोरदोलोई ने SHG-आधारित ‘दशसूत्र‘ रणनीति को साझा किया, जिसमें ‘मटका इन्सिनरेटर‘, तंबाकू मुक्त ग्राम और स्तनपान कॉर्नर जैसी पहल शामिल हैं। असम ने बाल विवाह में 88% और मातृ मृत्यु दर में 33% की कमी दर्ज की है।
- पूर्वी खासी हिल्स की उपायुक्त श्रीमती रोसेटा मेरी कुर्बाह ने जिले में क्रेच, ब्रेस्टफीडिंग हट्स, कृषि-पोषण बाग और SAM बच्चों के लिए लक्षित सहायता जैसी सफल पहलें साझा कीं।
वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल पर विशेष सत्र:
भारत की तेजी से वृद्ध होती ग्रामीण आबादी को ध्यान में रखते हुए HelpAge India द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए SHG, मोबाइल हेल्थ यूनिट और टेलीमेडिसिन पर आधारित “पिरामिड मॉडल” प्रस्तुत किया गया।
केरल SRLM ने ‘कुडुंबश्री‘ के तहत K4 केयर, सांत्वनम, और BUDS संस्थानों के माध्यम से स्वास्थ्य और समावेशी शिक्षा की दिशा में किए गए कार्यों को साझा किया।
कार्यशाला के अंत में राष्ट्रीय फूड, न्यूट्रीशन, हेल्थ एंड वॉश (FNHW) कार्य योजना 2024 पर चर्चा हुई, जिसमें इसे संस्थागत योजनाओं, सामुदायिक प्लेटफॉर्म और क्षमता निर्माण में एकीकृत करने पर जोर दिया गया।

