भारत के उच्च गुणवत्ता वाले आमों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में एक और प्रभावशाली कदम उठाते हुए, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने अबू धाबी में ‘इंडियन मैंगो मेनिया 2025’ का आयोजन किया। यह इन-स्टोर आम महोत्सव भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारतीय दूतावास (यूएई) और लुलु ग्रुप के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य खाड़ी देशों, विशेष रूप से यूएई में बसे भारतीय प्रवासियों और अन्य अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ताओं तक भारतीय आमों की उत्कृष्ट किस्में पहुंचाना है।
इस आयोजन में बनारसी लंगड़ा, दशहरी, चौसा, सुंदरजा, आम्रपाली, मालदा, भारत भोग, प्रभा शंकर, लक्ष्मण भोग, महमूद बहार, वृंदावनी, फसली और मल्लिका जैसी भौगोलिक संकेतक (GI) टैग वाली क्षेत्रीय आम किस्मों को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन भारतीय राजदूत श्री सुंजय सुधीर ने लुलु हाइपरमार्केट, खालिदिया मॉल, अबू धाबी में किया। इस अवसर पर लुलु ग्रुप के चेयरमैन श्री युसुफ अली एम.ए., भारत के वाणिज्य परामर्शदाता श्री रोहित मिश्रा, एपीडा के उप महाप्रबंधक डॉ. सी.बी. सिंह और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
सुंजय सुधीर ने कहा, “लुलु ग्रुप भारतीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा रहा है और एपीडा किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का कार्य सफलतापूर्वक कर रहा है। इस महोत्सव के माध्यम से पूर्वी भारत के राज्यों—उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश के बेहतरीन आम खाड़ी क्षेत्र के घर-घर तक पहुंचेंगे।”
लुलु ग्रुप के चेयरमैन युसुफ अली ने कहा, “हम भारत के सर्वश्रेष्ठ कृषि उत्पादों को अपने खुदरा नेटवर्क के माध्यम से खाड़ी देशों में पहुंचाने को लेकर प्रतिबद्ध हैं।”
भारत से भेजे अपने संदेश में एपीडा के चेयरमैन श्री अभिषेक देव ने कहा, “एपीडा ने विभिन्न राज्यों से आमों की वायु मार्ग से आपूर्ति सुनिश्चित की है, जिससे किसानों को न केवल आर्थिक लाभ मिल रहा है, बल्कि भारतीय आमों की वैश्विक प्रतिष्ठा भी बढ़ रही है।”
इस महोत्सव में केवल ताजे आम ही नहीं, बल्कि आम आधारित व्यंजनों की एक शानदार श्रृंखला भी प्रस्तुत की गई, जिसमें शामिल थे:
- बेकरी और मिठाइयाँ: मैंगो पेस्ट्री, रोल्स, डोनट्स, मैकरून, आम ब्रेड और केक
- पारंपरिक व्यंजन: मम्बाझा पायसम, आम पुलाव, आम फिश करी, आम चटनी और आम खिचड़ी
- सलाद और स्नैक्स: मैंगो चाट, आम रायता, ट्रॉपिकल सलाद, आम पकौड़े
- ग्लोबल फ्यूजन: मैंगो सुशी, आम भरा चिकन, आम चपली कबाब
- अचार और संरक्षित खाद्य: खजूर-आम अचार, लहसुन आम अचार, कश्मीरी शैली के अचार
- पेय पदार्थ: ताजा आम का रस, स्मूदी, पल्प, जैम और जेली
गौरतलब है कि संयुक्त अरब अमीरात भारतीय आमों का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है। वर्ष 2024 में भारत ने यूएई को 12,000 मीट्रिक टन से अधिक आम निर्यात किए, जिनकी कुल कीमत 20 मिलियन अमेरिकी डॉलर रही।
एपीडा ने यह सुनिश्चित किया है कि एफपीओ, एफपीसी और कृषि निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच मिले और भारत को उच्च गुणवत्ता एवं विविधता वाले कृषि उत्पादों के वैश्विक अग्रणी निर्यातक के रूप में स्थापित किया जा सके।
इस आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि भारतीय आम केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि कृषि नवाचार, परंपरा और व्यापारिक क्षमता का भी प्रतीक हैं।

