देश के केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में एक विशेष अवसर पर पौधरोपण कर “प्रतिदिन पौधरोपण संकल्प” को बल देते हुए पर्यावरण सरंक्षण का संदेश दिया। यह कार्यक्रम पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और भावी पीढ़ियों के लिए धरती को सुरक्षित व हरा-भरा बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पौधरोपण के दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि…
“इस धरती को अगर आने वाली पीढ़ियों के लिए रहने योग्य बनाए रखना है, तो वृक्ष लगाना और उनका संरक्षण करना हमारा नैतिक कर्तव्य है। पेड़ केवल ऑक्सीजन नहीं देते, बल्कि पृथ्वी की जीवनदायिनी आत्मा हैं।”
हर दिन एक पौधा – एक मिशन, एक संकल्प
केंद्रीय कृषि मंत्री ने ‘हर दिन एक पौधा’ लगाने का संकल्प दोहराया और कहा कि यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण न केवल पर्यावरण की रक्षा करता है, बल्कि जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और वनों की कटाई जैसी समस्याओं का समाधान भी है।
समाज की सहभागिता से मिलेगा बड़ा परिणाम
कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री ने समाज के हर वर्ग विशेषकर युवाओं, किसानों, छात्र-छात्राओं और स्वयंसेवी संगठनों से इस अभियान में भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि जब तक यह कार्य व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं बनेगा, तब तक स्थायी बदलाव संभव नहीं।
प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण – कृषि से जुड़ी प्राथमिकता
कृषि मंत्री ने इस मौके पर यह भी कहा कि कृषि और पर्यावरण का संबंध बहुत गहरा है। जलवायु परिवर्तन के कारण खेती पर प्रभाव पड़ता है, और यही वजह है कि हरियाली बढ़ाना और पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखना, किसानों और देश की अर्थव्यवस्था दोनों के लिए आवश्यक है।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का यह पौधरोपण अभियान एक बड़ा संदेश देता है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। यह पहल समाज को वृक्षों की महत्ता और उनकी सुरक्षा के प्रति सचेत करने के साथ-साथ एक हरित भारत के निर्माण की ओर एक ठोस कदम है।

