वित्तीय सेवा विभाग (DFS) द्वारा से वित्तीय समावेशन योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के लिए देशव्यापी तीन माह का विशेष अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 1 जुलाई से 30 सितंबर 2025 तक चलेगा और देश के सभी 2.70 लाख ग्राम पंचायतों (GPs) और नगरीय स्थानीय निकायों (ULBs) को कवर किया जाएगा।
इस अभियान का उद्घाटन देशभर के 33 स्थानों पर एक साथ किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, राज्य सरकारों के अधिकारियों, SLBC संयोजकों, बैंकों के प्रतिनिधियों और लाभार्थियों ने भाग लिया। गुजरात में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से शिरकत की।
अभियान के प्रमुख उद्देश्य:
इस तीन माह के अभियान के दौरान निम्नलिखित गतिविधियों पर विशेष बल दिया जाएगा:
- PMJDY के तहत बिना बैंक खाता वाले वयस्कों के लिए नए बैंक खाते खोलना
- PMJJBY (प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना), PMSBY (प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना) और APY (अटल पेंशन योजना) में नामांकन बढ़ाना
- बैंक खातों में Re-KYC (जहां आवश्यक हो)
- नामांकन विवरण अपडेट करने की सुविधा (जहां लंबित हो)
- डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव और बकाया जमा व शिकायत निवारण तक पहुंच पर जागरूकता सत्र आयोजित करना
अभियान की शुरुआत को मिला देशभर में सकारात्मक प्रतिसाद
अभियान के पहले ही दिन देशभर के 2087 ग्राम पंचायतों में विशेष शिविर लगाए गए। इन शिविरों में बड़ी संख्या में लाभार्थियों की भागीदारी देखी गई। दिल्ली और ओडिशा के बरगढ़ जिले सहित कई स्थानों पर जनप्रतिनिधियों और बैंक अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही।
वित्तीय समावेशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
यह विशेष अभियान प्रधानमंत्री की वित्तीय समावेशन की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को बुनियादी बैंकिंग सुविधाओं, बीमा और पेंशन योजनाओं के दायरे में लाकर वित्तीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करना है। अभियान के माध्यम से सरकार जन-जन तक वित्तीय जागरूकता, डिजिटल सुरक्षा और वित्तीय सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

