पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना के निदेशक छात्र कल्याण डॉ. निर्मल जौरा के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय के 30 छात्रों (15 लड़के और 15 लड़कियाँ) के लिए एक हाइकिंग, ट्रेकिंग और युवा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन 23 जून से 30 जून, 2025 तक किया गया। यह शिविर हिमाचल प्रदेश स्थित डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी (सोलन) और उसके आसपास के प्राकृतिक स्थलों में सम्पन्न हुआ। छात्रों ने 23 जून की सुबह पंजाब कृषि विश्वविद्यालय से कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल से आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद यात्रा आरंभ की।
इस शिविर के लिए छात्र विश्वविद्यालय के सभी घटक महाविद्यालयों से चयनित किए गए थे। शिविर के दौरान छात्रों ने कई रोमांचक ट्रेक पूरे किए, जिनमें से कुछ की दूरी 8 से 10 किलोमीटर तक रही। साथ ही, उन्होंने नौणी और सोलन के आसपास स्थित ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण भी किया। शारीरिक गतिविधियों के साथ-साथ, छात्रों की क्षमता निर्माण हेतु विभिन्न व्यक्तित्व विकास कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। इनमें वाद-विवाद, भाषण, कविता पाठ और लोकगीत प्रस्तुतियां प्रमुख रहीं, जिन्होंने छात्रों को आत्मविश्वास से भर दिया।
इस शिविर में छात्रों के साथ पीएयू की हाइकिंग, ट्रेकिंग और माउंटेनियरिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजविंदर सिंह, सदस्य डॉ. इंदरप्रीत कौर बोपाराय और सचिव गुरप्रीत सिंह विरक ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
शिविर के एक विशेष भाग के रूप में, छात्रों को प्राकृतिक खेती के फार्मों का दौरा भी करवाया गया, जिसका आयोजन डॉ. संजीव चोहान, निदेशक अनुसंधान, डॉ. वाई.एस. परमार विश्वविद्यालय द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. चोहान ने छात्रों के साथ संवाद किया और उन्हें उष्ण और उप-उष्ण कटिबंधीय पौधों की खेती की जानकारी दी।
छात्रों का उत्साहवर्धन करने के लिए डॉ. निर्मल जौरा स्वयं भी शिविर में पहुंचे और वहां चल रही गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शिविरों में छात्र न केवल प्रकृति से जुड़ते हैं, बल्कि महत्वपूर्ण जीवन मूल्यों और चुनौतियों से निपटने की क्षमता भी सीखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ये शिविर छात्रों की शारीरिक और मानसिक क्षमताओं के विकास में अत्यंत सहायक होते हैं।
29 जून को आयोजित एक इंटरएक्टिव सत्र में डॉ. जौरा की अध्यक्षता में डॉ. इंदर देव, निदेशक विस्तार शिक्षा, डॉ. वाई.एस. परमार विश्वविद्यालय, ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने छात्रों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित किया। इस सत्र में डॉ. किरण ठाकुर, विस्तार वैज्ञानिक, ने भी छात्रों को विश्वविद्यालय की उपयोगी जानकारियां प्रदान कीं और उन्हें अनुसंधान व करियर निर्माण के लिए प्रेरित किया।सत्र का संचालन गुरप्रीत सिंह विरक ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राजविंदर सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया।
यह शिविर न केवल रोमांच और प्रकृति के करीब जाने का अवसर रहा, बल्कि छात्रों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना को भी सशक्त करने वाला रहा। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से छात्रों को सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रोत्साहित कर रहा है।

