पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना एक बार फिर शैक्षणिक और अनुसंधान क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता का प्रमाण देते हुए गर्वित हुआ है। विश्वविद्यालय के मृदा विज्ञान विभाग में पीएच.डी. कर रहे शोधार्थी सिद्धांत तोमर को भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा प्रायोजित देश की अत्यंत प्रतिष्ठित INSPIRE (Innovation in Science Pursuit for Inspired Research) फेलोशिप प्रदान की गई है। यह फेलोशिप उन्हें उनके पीएच.डी. शोधकार्य के लिए आगामी पाँच वर्षों तक वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करेगी।
सिद्धांत तोमर, जो मूलतः उत्तर प्रदेश से हैं, वर्तमान में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में मृदा विज्ञान विभाग के अंतर्गत “मृदा में जिंक और मैंगनीज की उपलब्धता हेतु विभिन्न जैव-उपचारकों का मूल्यांकन तथा मक्का-गेहूं फसल अनुक्रम की उत्पादकता पर उनका प्रभाव” विषय पर शोध कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शक और शोध के प्रमुख सलाहकार डॉ. विवेक शर्मा, मृदा रसायन विज्ञानी हैं, जो इस क्षेत्र में अपने समर्पित शोध और अनुभव के लिए जाने जाते हैं।
इस शोध का उद्देश्य ऐसे जैव-उपचारकों की पहचान और मूल्यांकन करना है जो मृदा में मौजूद लेकिन अवशोषण योग्य न होने वाले जिंक और मैंगनीज जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों को पौधों के लिए उपलब्ध करा सकें। डॉ. शर्मा ने बताया कि आज की रसायन आधारित खेती में मृदा की गुणवत्ता और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। ऐसे में जैविक समाधान, विशेष रूप से बायो-इनोकुलेंट्स, मृदा की उर्वरता को प्राकृतिक रूप से बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के माइक्रोबियल इनोकुलेंट्स का उपयोग रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता को घटाता है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन बना रहता है, मृदा जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है, और दीर्घकालिक कृषि स्थिरता सुनिश्चित होती है। सिद्धांत का शोध न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अत्यंत प्रासंगिक है, बल्कि यह देश के लाखों किसानों के लिए भी व्यावहारिक समाधान प्रदान कर सकता है।
PAU के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने इस उपलब्धि पर सिद्धांत को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि INSPIRE फेलोशिप प्राप्त करना किसी भी युवा शोधार्थी के लिए एक बड़ा सम्मान होता है। यह फेलोशिप केवल उन्हीं विद्यार्थियों को प्रदान की जाती है जो शैक्षणिक रूप से अत्यधिक मेधावी होते हैं और जिनके शोध में नवाचार व सामाजिक योगदान की व्यापक संभावनाएं होती हैं। उन्होंने मृदा विज्ञान विभाग की भी सराहना की, जो निरंतर गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और छात्रों के शैक्षणिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. सीएस औलख ने सिद्धांत की इस सफलता को “मेहनत, लगन और अनुसंधान के प्रति ईमानदारी का प्रतिफल” बताते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियाँ विश्वविद्यालय के संपूर्ण अकादमिक वातावरण को प्रेरित करती हैं। वहीं, स्नातकोत्तर अध्ययन के डीन डॉ. एम.आई.एस. गिल ने भी सिद्धांत की उपलब्धि को उत्कृष्ट बताते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
मृदा विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजीव सिक्का ने कहा कि सिद्धांत जैसे होनहार विद्यार्थी विभाग की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने विभाग के सभी शिक्षकों की ओर से सिद्धांत को इस उपलब्धि पर बधाई दी और कहा कि विभाग अपने छात्रों को अनुसंधान में विश्व स्तर की सुविधाएं और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयत्नशील है।
सिद्धांत तोमर की यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत स्तर पर सराहनीय है, बल्कि यह PAU जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के लिए भी गौरव का विषय है। यह विश्वविद्यालय में हो रहे गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, संकाय की प्रतिबद्धता, और छात्रों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। INSPIRE फेलोशिप जैसे पुरस्कार उन छात्रों को सशक्त बनाते हैं जो विज्ञान और कृषि के क्षेत्र में नवाचार के माध्यम से समाज में सार्थक परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं।
इस उपलब्धि के साथ सिद्धांत तोमर न केवल अपने विभाग और विश्वविद्यालय, बल्कि समस्त कृषि अनुसंधान समुदाय के लिए एक प्रेरणास्त्रोत बन गए हैं। PAU को उन पर गर्व है और आने वाले समय में उनके शोध कार्य से निःसंदेह कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।

